पढ़ाई के लिए गया था, लेकिन आर्मी में कर लिया गया भर्ती!...उत्तराखंड के राकेश की रूस में माैत

रमेश चंद्रा

20 Dec 2025 (अपडेटेड: Dec 20 2025 1:16 PM)

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले का एक युवक पढ़ाई के सुनहरे सपने लेकर रूस गया था. लेकिन आरोप है कि वहां उसे जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया और अब उसकी मौत हो गई है. अब बेटे की मौत की खबर से परिवार सदमे में है. हालांकि युवक की मौत कैसे हुई इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है.

Rakesh Kumar Death News
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Uttarakhand News: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रहने वाले 30 वर्षीय राकेश कुमार सुनहरे भविष्य के सपने लेकर पढ़ाई के लिए रूस गए थे. लेकिन किसे पता था कि रूस गया राकेश कभी जिंदा वापस नहीं लौटेगा. वे इसी साल अगस्त महीने में पढ़ाई के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे थे. लेकिन आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उन्हें रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया था. जब इसकी जानकारी परिजनों को लगी तो उन्होंने भारत सरकार से बेटे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई. हालांकि, कुछ समय बाद बेटे की मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. 17 दिसंबर को जब राकेश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजन फूट-फूटकर रो पड़े. राकेश का अंतिम संस्कार कर दिया है. वहीं, मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि राकेश की मौत किन कारणों से हुई और मौत कब हुई इस बारे में अभी तक पुलिस को कोई भी औपचारिक सूचना  नहीं मिली है.

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क्या है पूरा मामला?

ऊधम सिंह नगर के शक्तिफार्म के रहने वाले राकेश कुमार 8 अगस्त 2025 को स्टडी वीजा पर पढ़ाई के लिए रूस के सेंट पीटर्सबर्ग गए हुए थे. रूस पहुंचने पर राकेश के परिजानों को बताया कि उसे यहां रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया है और उसे ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है. परिजनों से 30 अगस्त तक राकेश की बात होती रही. लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो पाया. लेकिन इस बीच राकेश का एक वीडियो सामने आ था और फिर इसके कुछ दिन बाद ही अधिकारियों ने परिजानों को बेटे की मौत की खबर दी.

वीडियो में क्या कहा?

इस वीडियो में राकेश कह रहा है कि उसे जबरन युद्ध में लड़ने के लिए भेजा गया है. परिजनों ने वीडियो देखा तो वो डर गए और बेटे को वहां से सही सलामत निकालने के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के शिकायत विभाग में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. परिजन बेटे के जानकारी जुटाने के लिए कई बार भारतीय विदेशी मंत्रालय और रूस के दूतावास से संर्पक किया.

इस बीच उनको अधिकारियों ने बताया कि उनके बेटे की मौत हो गई है. इससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया. इसके बाद 17 दिसंबर को 2025 को राकेश का पार्थिव शरीर को हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचा. यहां से उसे सितारगंज के शक्तिफार्म घर लाया गया. जहां उनके का अन्तिम संस्कार किया गया.

पुलिस ने क्या बताया?

मामले की जानकारी देते हुए एसपी क्राइम निहारिका तोमर ने बताया कि कोतवाली सितारगंज क्षेत्र के शक्ति फार्म एरिया में राकेश कुमार नाम का एक शख्स रहता था. उसकी उम्र करीब तीस साल बताई गई है. वो इसी साल अगस्त में पढ़ाई के रूस गया था, जहां उसकी मौत हो गई. 17 दिसंबर को उनका पार्थिव शरीर शक्तिफार्म पहुंचा था, यहां  उनका अंतिम संस्कार किया गया है. एसपी ने बताया कि इनके पिता द्वारा पूर्व में बताया गया था की जब उनकी आखरी बार अपने बेटे से बात हुई थी तो उनके बेटे द्वारा बताया गया कि उसको रशिया में युद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है. हलांकि, एसपी ने कहा कि मौत के क्या कारण थे? मौत कब हुई  इस बारे में अभी तक हमारे पास पुलिस के पास कोई भी औपचारिक सूचना नहीं आयी है.

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