IAS Avinash Singh news: उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर धाम से इन दिनों एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक पुलिसकर्मी अपने कंधे पर कार्बाइन (बंदूक) लेकर मंदिर के गर्भगृह के अंदर नजर आ रहा है. जानकारी के अनुसार, सोमवार को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के जिलाधिकारी अविनाश सिंह अपने परिवार के साथ जागेश्वर धाम में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान उनके सुरक्षा कर्मी हथियार के साथ गर्भगृह के अंदर प्रवेश कर गए. मंदिर के पुजारियों की नजर जैसे ही हथियारबंद सुरक्षाकर्मी पर पड़ी तो उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे मंदिर की धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन बताया.
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प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का दिया गया उदाहरण
इस घटना को लेकर मंदिर के पुजारी पंडित नवीन चंद्र भट्ट हनुमान, मनोज भट्ट और गोपाल भट्ट समेत अन्य पुजारियों ने कहा कि भगवान जागेश्वर के गर्भगृह की पवित्रता सर्वोपरि है. इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा. पुजारियों ने कहा कि धाम में देश के प्रधानमंत्री और कई प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ ही बड़े पदों पर आसीन कई व्यक्ति दर्शन के लिए आए हैं तब भी उनके सुरक्षाकर्मी कभी गर्भगृह के भीतर हथियार लेकर नहीं गए. उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के नाम पर धार्मिक परंपराओं को नहीं तोड़ा जा सकता.
मंदिर परिसर में लगाया गया चेतावनी बोर्ड
हंगामे के की बीच सुरक्षा कर्मियों ने इसे अपनी ड्यूटी और प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया. वहीं घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुजारियों ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI से मांग की कि परिसर के बाहर चेतावनी के बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में कोई भी अनजाने में ऐसी गलती न करे. पुजारियों की इस मांग के बाद अब मंदिर क्षेत्र में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं.
पुजारियों ने की मामले में उचित कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पुजारियों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए. पुजारियों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की अपनी एक मर्यादा होती है जिसका पालन हर किसी को करना चाहिए चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो.
जानिए कौन हैं IAS अविनाश सिंह?
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं. अविनाश सिंह इससे पहले गोरखपुर में नगर आयुक्त और मिर्जापुर में मुख्य विकास अधिकारी के पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. साल 2023 में उन्हें पहली बार अंबेडकर नगर के जिलाधिकारी के रूप में किसी जिले का प्रभार मिला था. इसके बाद साल 2025 में उनका तबादला बरेली जिले में हुआ था.
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