Jaspal Rana Mother Death: दिग्गज निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित कोच जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का रविवार को निधन हो गया है. वह 78 वर्ष की थीं और लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. मिली जानकारी के अनुसार, श्यामा देवी राणा पिछले कई दिनों से नई दिल्ली के आरआर अस्पताल में भर्ती थीं. यहां उनका इलाज चल रहा था. डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
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इसी महीने हुआ था बेटे जसपाल राणा का निधन
बता दें कि इसी महीने की 12 तारीख को भारतीय खेल इतिहास के सबसे चमकदार सितारों में शामिल निशानेबाज जसपाल राणा का महज 49 साल की उम्र में निधन हो गया था. उन्हें दिल से संबंधित गंभीर बीमारी थी. जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप से भारतीय दल के साथ वापस लौटते समय उड़ान के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी. वक्त का क्रूर फेर देखिए कि जिस दिन यानी 28 जून को बेटे जसपाल राणा का जन्मदिन था ठीक उसी दिन उनकी मां का भी देहांत हो गया. अब एक महीने के अंदर इस दोहरे झटके से पूरा परिवार गहरे सदमे में है.
जान बचाने की डॉक्टरों ने की थी पूरी कोशिश
म्यूनिख से लौटते समय विमान में तबीयत बिगड़ने के बाद जसपाल राणा को नई दिल्ली एयरपोर्ट पर से तुरंत अस्पताल ले जाया गया था. यहां डॉक्टरों ने उनके दिल में स्टेंट भी डाले थे. डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए अपनी तरफ पूरे प्रयास किए लेकिन वे जसपाल को बचा नहीं सके और 12 जून को उनका निधन हो गया था.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जताया गहरा शोक
राणा परिवार पर टूटे इस दुखों के पहाड़ पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगत पुण्यात्मा श्यामा देवी राणा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और इस असहनीय दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिजनों को संबल और साहस प्रदान करें.
कौन थे जसपाल राणा?
जसपाल राणा भारत के दिग्गज निशानेबाज और कोच थे. वे मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के चिलामू गांव के रहने वाले थे. उन्होंने महत 12 साल की उम्र से ही शूटिंग शुरू कर दी थी और आगे चलकर वे देश के सबसे सफल निशानेबाज बने. कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने 15 मेडल जीते. इनमें 9 गोल्ड मेडल शामिल थे. इसके साथ ही ऐशियाई खेलों और वर्ड जूनियर चौंपियनशिव में भी देश का नाम रोशन किया. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शानदार प्रदर्शन करने के लिए जसपाल राणा को पद्मश्री, अर्जुन और द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. निशानेबाजी से संन्यास लेने के बाद वे कोच की भूमिका में नजर आए और स्टार निशानेबाज मनु भाकर को ट्रेन करने लगे, लेकिन हाल ही में 49 साल की उम्र में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में उनका निधन हो गया.
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