कौन हैं BJP विधायक सुरेश गढ़िया, क्या है उनसे जुड़ा स्क्रीनशॉट विवाद? विस्तार से जानिए पूरा मामला

Suresh Garhiya Kapkot MLA Controversy: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट में कथित वायरल स्क्रीनशॉट और सोशल मीडिया विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. पीड़ित महिला ने कार्रवाई नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है, जबकि विधायक सुरेश गढ़िया खुद को साजिश का शिकार बता रहे हैं. मामले की जांच जारी है.

क्या है कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया से जुड़ा मामला?
क्या है कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया से जुड़ा मामला?
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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सोशल मीडिया पर चरित्रहनन से जुड़ा एक मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. साल 2024 से चले आ रहे एक कथित अश्लील वीडियो और स्क्रीनशॉट में नाम घसीटे जाने से आहत महिला ने प्रशासन के सामने न्याय की गुहार लगाई है. महिला का आरोप है कि इस विवाद के कारण उसकी और उसके परिवार की जिंदगी पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है. अब इस मुद्दे पर राजनीति भी गर्माने लगी है और विपक्ष सरकार को घेरने में जुट गया है.

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क्या है पूरा मामला?

बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद 6 मई 2024 को सोशल मीडिया पर एक फोटो और वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ. इसमें कपकोट विधायक और एक महिला के नाम को गलत तरीके से जोड़ा गया था. पीड़ित महिला के बयानों के मुताबिक, इस कथित अश्लील स्क्रीनशॉट और फर्जी दावों के कारण 2024 से ही उनका और उनके परिवार का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ, विधायक सुरेश गढ़िया ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने खिलाफ एक रचा हुआ राजनीतिक षड्यंत्र बताया है. 

पीड़िता की 24 घंटे की चेतावनी और आत्मदाह की धमकी

पीड़ित महिला का कहना है कि सोशल मीडिया पर उसका नाम गलत तरीके से जोड़कर लगातार दुष्प्रचार किया जा रहा है. हाल ही में एक व्यक्ति ने 3 करोड़ रुपये लेकर मामला निपटाने जैसा दावा करते हुए फिर से आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया में शेयर कर दी. महिला के अनुसार, उसका परिवार इस प्रताड़ना से इतना परेशान हो चुका है कि उसके टैक्सी चालक पति को मानसिक तनाव के कारण काम छोड़ना पड़ा है.

महिला ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर सबूत होने का दावा करने वाले जगदीश गोस्वामी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह कपकोट थाने में ही परिवार सहित अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेगी. महिला का कहना है कि उसने 2024 से ही शासन और प्रशासन से निर्दोष साबित करने की गुहार लगाई है. इसलिए किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी विधायक सुरेश गढ़िया और कपकोट पुलिस प्रशासन की होगी.

विधायक सुरेश गढ़िया बोले- "मैं खुद इस साजिश का पीड़ित हूं"

मामला तूल पकड़ने के बाद कपकोट विधायक सुरेश गढ़िया ने सोमवार को प्रेस कॉ न्फ्रेंस में अपना पक्ष रखा. विधायक का कहना है कि वह पिछले करीब दो सालों से इस सुनियोजित षड्यंत्र का शिकार हो रहे हैं. उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मई 2024 में जब पहली बार फोटो वायरल हुई थी, तब उन्होंने तत्कालीन डीजीपी अभिनव कुमार को तुरंत लिखित शिकायत दी थी.

विधायक ने हालिया घटनाक्रम पर भी पुलिस को लगातार शिकायत देने की बात कही. उन्होंने बताया कि 2 अगस्त, 29 अगस्त और 30 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक बागेश्वर और थाना अध्यक्ष कपकोट को तहरीर व वीडियो साक्ष्य सौंपे गए थे. विधायक ने कपकोट पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती और आरोपी को गिरफ्तार करती, तो मामला इतना नहीं बढ़ता. उन्होंने इसे फर्जी आईडी, एआई तकनीक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के तहत कपकोट के विकास को रोकने का षड्यंत्र बताया.

विपक्ष का हमला और निष्पक्ष जांच की मांग

मामले पर कांग्रेस नेता हरीश ऐठानी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पीड़िता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि दो साल से प्रताड़ना झेल रही महिला को न्याय मिलना ही चाहिए. हरीश ऐठानी ने सवाल उठाया कि जो बातें बाजार, शहर और राजधानी तक चल रही थीं, उसकी शुरुआत आखिर कहाँ से हुई. उन्होंने माँग की कि पुलिस को सबसे पहले मूल वीडियो या फोटो की सच्चाई की जांच करनी चाहिए, ताकि सच जनता के सामने आ सके.

पुलिस जांच और अग्रिम कार्रवाई

महिला की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. विधायक और पीड़ित महिला दोनों ही निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले का पर्दाफाश कब तक कर पाती है.

कौन है सुरेश गढ़िया?

आपको बता दें कि सुरेश गढ़िया भारतीय जनता पार्टी नेता और बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा सीट से वर्तमान विधायक हैं. साल 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर पहली बार विधायक बने सुरेश गढ़िया इससे पूर्व भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं.

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