Kedartal missing trekkers: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर लापता एक स्थानीय गाइड समेत सात ट्रेकर्स की तलाश छठे दिन भी जारी रहेगी. उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के इन आठ लोगों का पांच दिन बाद भी कोई पता नहीं चल पाया है. इस बीच रेस्क्यू टीम को बर्फ के नीचे दबा एक टेंट और बैग मिला है. टेंट के अंदर से कपड़े, चप्पलें और राशन सामग्री भी बरामद हुई है. हालांकि, आसपास के दो से तीन किलोमीटर के दायरे में तलाशी के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिला. लगातार बर्फबारी, खराब मौसम और शून्य दृश्यता के कारण ट्रेकिंग एसोसिएशन ने अपना सर्च अभियान स्थगित कर दिया है, जबकि प्रशासन की टीमें तलाश में जुटी हुई हैं.
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बर्फ में दबा मिला टेंट, कपड़े और राशन बरामद
केदारताल क्षेत्र में लापता सात ट्रेकर्स और स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा की तलाश में जुटी ट्रैकिंग एसोसिएशन की टीम को बर्फ के नीचे दबा एक टेंट मिला है. टेंट के अंदर कपड़े, चप्पलें और कुछ राशन सामग्री भी बरामद हुई है. इसके अलावा कच्ची ढांग क्षेत्र में एक बैग मिलने की भी सूचना है. टेंट मिलने के बाद टीम ने आसपास के दो से तीन किलोमीटर के दायरे में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी. लगातार बिगड़ते मौसम, भारी बर्फबारी और शून्य दृश्यता के चलते ट्रैकिंग एसोसिएशन ने फिलहाल अपना सर्च अभियान स्थगित करने का फैसला लिया है. हालांकि, प्रशासन की ओर से भेजी गई टीमें अब भी तलाश में जुटी हैं.
हेलीकॉप्टर से पहुंची SDRF और NIM की टीम
लापता लोगों की खोज के लिए सोमवार को हेलीकॉप्टर की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया. एसडीआरएफ के छह और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के चार जवानों समेत 10 सदस्यीय रेस्क्यू दल को केदारताल घाटी में उतारा गया. इसके साथ ही गंगोत्री नेशनल पार्क और ट्रेकिंग एसोसिएशन की नौ सदस्यीय टीम ने पैदल ही भोजखड़क से केदारखड़क तक तलाशी अभियान चलाया. रेस्क्यू के दौरान एक टीम को हेलीकॉप्टर से ऊपरी क्षेत्र में पहुंचाया गया, जबकि दूसरी टीम ने निचले क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए खोजबीन की. खराब मौसम और लगातार बदलती परिस्थितियों के चलते सोमवार को अभियान रोकना पड़ा. हेलीकॉप्टर से पहुंची टीम केदारखड़क में, जबकि पैदल गई दूसरी टीम भोजखड़क बेस कैंप में रुकी हुई है.
27 अक्टूबर को ट्रेकिंग के लिए निकला था दल
जानकारी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को एक ट्रेकिंग एजेंसी का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था. इस दल में सात ट्रेकर्स और छह स्टाफ सदस्य शामिल थे. सभी की वापसी 29 अक्टूबर को निर्धारित थी. इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और भारी बर्फबारी शुरू हो गई. इसके बाद दल के भोजखड़क के आसपास फंसने की सूचना मिली. घटना की जानकारी मिलने पर अगले दिन ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से एक बचाव दल भेजा गया. इस दौरान रास्ते में एक कुक समेत चार सपोर्टिंग स्टाफ सुरक्षित मिल गए, लेकिन बाकी आठ लोगों का कोई पता नहीं चल सका. इनमें एक स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और सात ट्रेकर्स शामिल हैं.
तीन दिन से हेलीकॉप्टर और पैदल टीमें कर रही हैं तलाश
लापता लोगों की जानकारी नहीं मिलने पर ट्रेकिंग एजेंसी ने जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू अभियान चलाने का अनुरोध किया था. इसके बाद शनिवार को पहली बार हेलीकॉप्टर से केदारताल घाटी का हवाई सर्वेक्षण किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. रविवार को भी हेलीकॉप्टर ने घाटी में कई चक्कर लगाए, लेकिन लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिला. इसी दौरान गंगोत्री नेशनल पार्क और ट्रेकिंग एसोसिएशन की नौ सदस्यीय टीम पैदल रास्ते से भोजखड़क पहुंची और तलाश में जुट गई.
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने क्या बताया?
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार खोजबीन में जुटी हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि लापता गाइड और ट्रेकर्स की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं. एसडीआरएफ और NIM के जवानों के साथ गंगोत्री नेशनल पार्क और ट्रेकिंग एजेंसी की टीम भी पैदल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही है. उन्होंने बताया कि एक टीम नीचे से ऊपर की ओर और दूसरी टीम ऊपर से नीचे की ओर तलाशी अभियान चला रही है. हालांकि, मौसम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा उत्पन्न कर रहा है. इसके बावजूद लापता लोगों की तलाश जारी रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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