Ketan Lal Murder Case: उत्तराखंड के हरिद्वार में रविवार को भारी बवाल खड़ा हो गया. दरअसल, टिहरी जिले में हुए केतन हत्याकांड मामले में आजाद समाज पार्टी के चीफ और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे. उनके साथ खानपुर के विधायक उमेश कुमार और भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद थे. लेकिन पुलिस ने उन्हें हरिद्वार के शंकराचार्य चौक ही रोक दिया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को हल्के बल का प्रयोग भी करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी हाईवे पर ही धरने पर बैठ गए.
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पुलिसिया कार्रवाई में सांसद के कपड़े फटे
शंकराचार्य चौक पर पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान माहौल काफी गरमा गया. आरोप है कि पुलिस की तरफ से किए गए बल प्रयोग में नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के कपड़े फट गए और कई कार्यकर्ताओं को लाठियां भी लगीं. इस घटना के विरोध में सांसद चंद्रशेखर आजाद और विधायक उमेश कुमार अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ वहीं बीच सड़क पर बैठ गए, जिससे हाईवे पर लंबा जाम लग गया.
डीएम और एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग
हाईवे पर धरने पर बैठे चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की है कि जब तक जिले के डीएम और एसएसपी खुद मौके पर आकर यह नहीं बताते कि केतन के हत्यारों और लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी बात करने नहीं आता है, तो वे जबरन आगे के लिए कूच करेंगे. सांसद ने सरकार से इस पूरे हत्याकांड में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
केतन के साथ हुई बर्बरता पर भावुक हुए चंद्रशेखर
धरने पर बैठे सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भावुक और आक्रोशित होते हुए कहा कि देश के चुने हुए सांसद को पुलिस ने डंडे मारकर रोका और कपड़े फाड़ दिए. उन्होंने केतन के साथ हुई बर्बरता का जिक्र करते हुए बताया कि पीड़ित के पिता के अनुसार केतन के पैर, हाथ और गुप्तांगों में कीलें ठोक दी गई थीं और उसे जानवरों की तरह पीटा गया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देवभूमि में न्याय की आवाज उठाना अब अपराध हो गया है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपराधियों को रोकने में अपनी ताकत लगाने को कहा.
विधायक उमेश कुमार ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस दौरान खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने भी प्रशासन और सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने के लिए लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया, जिससे चोटें भी आई हैं, लेकिन उनका यह संघर्ष जारी रहेगा. विधायक ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि टिहरी में जैसा माहौल बना हुआ है, उससे केतन के पिता और पूरे परिवार की जान को खतरा है. सरकार को सुनिश्चित करना होगा कि परिवार की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
प्रशासन को दी आगे बढ़ने की खुली चुनौती
विधायक उमेश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक उच्च अधिकारी मौके पर आकर कार्रवाई की ठोस जानकारी नहीं देते, वे मार्ग से नहीं हटेंगे. उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर अधिकारी नहीं आते हैं तो वे आगे की ओर कूच करेंगे और जिसमें दम हो वह उन्हें रोक कर दिखाए. इस पूरे हंगामे और हाईवे जाम होने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है.
क्या है केतन लाल हत्याकांड?
दरअसलज, टिहरी जिले में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की पड़ोसी गांव खोलगढ़ की एक सामान्य वर्ग की युवती से दोस्ती थी और दोनों अक्सर फोन पर बात करते थे. जब युवती के परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने दोनों के रिश्ते का विरोध किया. 7 जून 2026 की रात परिवार के दबाव में युवती ने केतन को गांव बुलाया, जिसके बाद रात करीब 11:30 बजे केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी के साथ मोटरसाइकिल से खोलगढ़ पहुंचा. वहां पहले से घात लगाए बैठे युवती के परिजनों ने दोनों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया. आरोप है कि केतन को उसकी प्रेमिका के सामने ही बेरहमी से पीटा गया. सुबह आरोपियों ने केतन के पिता को बेटे को ले जाने के लिए बुलाया, लेकिन गंभीर रूप से घायल केतन ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि उसका दोस्त दिवाकर भी घायल हो गया था.
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