14 करोड़ की जमीन, 54 करोड़ का सौदा... हरिद्वार भूमि घोटाले में कैसे खुली अधिकारियों की पोल?
Haridwar Land Scam: हरिद्वार भूमि घोटाले में 14 करोड़ रुपये की कृषि भूमि को कथित तौर पर 54 करोड़ रुपये में खरीदने का मामला सुर्खियों में है. जांच में लैंड यूज परिवर्तन, मूल्यांकन प्रक्रिया और नगर निगम की खरीद में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. जानिए कैसे इस मामले में DM, SDM और नगर आयुक्त समेत कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई और क्यों सराय गांव की यह जमीन पूरे उत्तराखंड में चर्चा का विषय बन गई है.
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Haridwar Land Scam
उत्तराखंड में पिछले लंबे समय से जमीन कानून में सख्ती की जरूरत को लेकर बहस होती रही है. राज्य की अलग-अलग सरकारों का भी तर्क रहा है कि पहाड़ी राज्य की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति की सुरक्षा करने और स्थानीय जमीन मालिकों का शोषण रोकने के लिए कड़े नियम जरूरी हैं. लेकिन हाल में ही सामने आए हरिद्वार भूमि घोटाले के मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है. इस घोटाले में साफ दिखता है कि कैसे सरकारी अधिकारी अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सरकारी धन की हेराफेरी कर सकते हैं . आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.