फोन पर गाली, धमकी और फिर… पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को आखिर क्यों मांगनी पड़ी सार्वजनिक माफी? जानिए पूरा मामला

चांदनी क़ुरैशी

• 08:39 PM • 02 Jul 2026

Pranav Singh Champion News: उत्तराखंड के लक्सर में एक व्यक्ति को फोन पर धमकाने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में फंसे पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन बैकफुट पर आ गए हैं. मामले ने जब तूल पकड़ा तो उन्होंने शांतरशाह बहादराबाद में शिकायतकर्ताओं से मिलकर अपने इस व्यवहार के लिए खेद प्रकट किया है.

नए विवाद में घिरे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन 
नए विवाद में घिरे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन 
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Kunwar Pranav Singh Champion apology case: अपने बड़बोलेपन और बयानों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं. इस बार उनके खिलाफ लक्सर कोतवाली में एक व्यक्ति को गाली देने और डराने-धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पूर्व विधायक ने फोन पर अभद्र भाषा के साथ ही जातिसूचक शब्द का भी इस्तेमाल किया. इतना ही नहीं शिकायतकर्ता ये भी आरोप लगाया है कि चैंपियन ने उसे जान से मारने और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार कराने की धमकी भी दी.

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क्यों शुरू हुआ पूरा विवाद?

दरअसल, यह मामला 22 जून को एक गाड़ी को ओवरटेक करने से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. पुलिस को दी गई शिकायत में बहादराबाद के शांतारशाह निवासी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे. इस बीच लौटते समय जेके टायर फैक्ट्री के सामने एक वाहन ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक करते हुए हाथ मारा. बाद में पीड़ितों को जानकारी मिली कि वो गाड़ी पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की है.

फोन कॉल पर धमकियां देने का आरोप

शिकायत के अनुसार, घटना के अगले दिन संजीव कुमार के पास कोतवाली से एक फोन आया. इसी दौरान एक परिचित के मोबाइल फोन के जरिए उनकी बातचीत पूर्व विधायक से कराई गई. आरोप है कि इस बातचीत के दौरान पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने करीब चार मिनट तक लगातार गाली-गलौज की. उन्होंने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सामने वाले को अपमानित किया और जान से मारने के साथ-साथ महिलाओं को लेकर भी धमकी भी दी.

मामला बढ़ने पर चैंपियन ने मांगी माफी

इस पूरे जब मामले ने तूल पकड़ा तो कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन को अपने कदम पीछे खींचने पड़े. उन्होंने शांतरशाह बहादराबाद में इस पूरे विवाद को रफा-दफा करने के लिए शिकायतकर्ताओं से मुलाकात की. चैंपियन ने सार्वजनिक रूप से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रकरण के कारण उन्हें इस तरह मिलना पड़ रहा है.

''हमेशा अनुसूचित समाज का सम्मान किया है''

पूर्व विधायक चैंपियन ने कहा कि उनके मन में जाति को लेकर कभी कोई भेदभाव नहीं रहा है. उन्होंने हमेशा अनुसूचित समाज का सम्मान किया है. चैंपियन ने दावा किया कि वो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को अपना आदर्श मानते हैं. चैंपियन ने समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह खुद को जनता का सेवक मानते हैं. उन्होंने मामले को शांत करने की अपील करते हुए कहा कि कुछ तत्व लोगों को भड़काने का काम करते हैं. उन्होंने पीड़ित युवाओं को अपने बेटे के समान बताते हुए कहा कि वह इस प्रकरण को एक बुरा सपना सोचकर भुला देना चाहेंगे. चैंपियन ने कहा कि इस घटना से अनुसूचित वर्ग को जो ठेस पहुंची है उसके लिए वह दिल से खेद प्रकट करते हैं.

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