पहाड़, जंगल और नदी सब जगह छान डाली... 8 दिन बाद भी नहीं मिला अभिषेक, अब रेस्क्यू टीम ने अपनाई ये नई रणनीति

Abhishek Chauhan Missing: उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों में लापता हुए दो ट्रैकर्स की तलाश लगातार जारी है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. पिंडारी ग्लेशियर से गायब अभिषेक चौहान और दयारा बुग्याल से लापता बबीता पांडे को खोजने के लिए पुलिस, SDRF, NDRF, ड्रोन और डॉग स्क्वाड की मदद ली जा रही है.

अभिषेक चौहान का नहीं मिल रहा कोई सुराग
अभिषेक चौहान का नहीं मिल रहा कोई सुराग

जगदीश चंद्र पाण्डेय

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Uttarakhand Missing Trekker:उत्तराखंड के पहाड़ों में ट्रैकिंग के दौरान अलग अलग जिलों में लापता हुए दो ट्रैकर्स का कहीं कुछ पता नहीं चला रहा है. एक और जहां उत्तरकाशी जिले के दायरा बुग्याल से बबीता पांडे का कही कुछ पता नहीं चल रहा है, वहीं दूसरी औैर बागेश्वर के पिंडारी ग्लेशियर ट्रैकसे लापता अभिषेक चौहान का भी कहीं कुछ पता नहीं चल रहा है. पुलिस-प्रशासन लागातार कई दिनों से इनकी खोजबीन में जुटा हुआ है. वहीं इस बीच अब अभिषेक को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है.

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अभिषेक को गायब हुए एक हफ्ते से अधिक का समय हो चुका है, जिसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने अब नई रणनीति के तहत अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. खाती गांव से आगे पिंडारी घाटी के बेहद मुश्किल और दुर्गम इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन का दायरा बढ़ा दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ, उत्तरकाशी जिले के दयारा बुग्याल से गायब महिला ट्रैकर बबीता पांडे की तलाश भी नए सिरे से शुरू की गई है. घटना को 8 दिन के बाद भी बबीता का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. 

7 टीमें और 30 लोग कर रहे तलाश

पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से लापता हुए अभिषेक चौहान के रेस्क्यू ऑपरेशन पर बागेश्वर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा नजर बनाए हुए है. अभिषेक चौहान की खोजबीन के लिए सात अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जिनमें कुल 30 सदस्यों को तैनात किया गया है. इस संयुक्त रेस्क्यू अभियान में राज्य आपदा प्रतिवादन बल यानी एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, वन विभाग, स्थानीय पुलिस, आपदा मित्र, ग्राम प्रहरी और इलाके के स्थानीय डिजिटल वॉलिंटियर भी शामिल हैं. यह सभी लोग मिलकर दिन-रात लापता युवक की तलाश में जुटे हुए हैं.

ड्रोन कैमरे और डॉग स्क्वाड की ली जा रही मदद

अभिषेक चौहान को ढूंढने के लिए आधुनिक तकनीक और डॉग स्क्वाड का भी सहारा लिया जा रहा है. रेस्क्यू टीमें पिंडारी नदी के आसपास के करीब 25 किलोमीटर के बेहद दुर्गम और खतरनाक दायरे में खोजबीन कर रही हैं. इसके साथ ही वहां मौजूद घने जंगलों और झाड़ियों में ड्रोन कैमरों की मदद से नजर रखी जा रही है. हिमालयन बेल्ट होने के कारण इस इलाके में खराब मौसम, लगातार बदलते वेदर और मोबाइल नेटवर्क न होने की बड़ी समस्या आ रही है. इस वजह से कई बार टीमों के बीच तालमेल बिठाने में भी दिक्कत हो रही है, लेकिन इसके बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ा रही हैं.

हर एंगल से मामले में हो रही खोजबीन

पुलिस हर एंगल से  मामले की खोजबीन कर रही है. पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने बताया कि 29 तारीख को अभिषेक चौहान पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से वापस लौटते समय लापता हुए थे. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई थी. अब इस मामले में पुलिस स्थानीय गाइडों, गांव के नागरिकों, होमस्टे के मालिकों और रास्ते में पड़ने वाले मैगी प्वाइंट के संचालकों से भी लगातार पूछताछ कर रही है. उनसे पूछताछ में जो भी जानकारियां और इनपुट मिल रहे हैं, उन पर गंभीरता से काम किया जा रहा है.

पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

अभिषेक चौहान की तलाश को और तेज करने के लिए बागेश्वर पुलिस ने आसपास के सभी सीमावर्ती जिलों को भी अलर्ट कर दिया है. सभी थानों में लापता युवक के फोटो वाले पंपलेट भेजे जा चुके हैं. पुलिस प्रशासन लगातार लापता युवक के परिवार, उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ संपर्क बनाए हुए है और उन्हें हर अपडेट दे रहा है. बागेश्वर पुलिस ने आम जनता से भी मदद की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस युवक के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत थानाध्यक्ष कपकोट के मोबाइल नंबर 9411113310 या फिर जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर 9411112983 पर सूचित कर सकते हैं. बागेश्वर पुलिस युवक को सुरक्षित वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

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