राहुल गांधी पर हल्द्वानी में दर्ज हुई FIR, जानिए क्या-क्या लगाए गए हैं आरोप!

लीला सिंह बिष्ट

31 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 31 2026 12:38 PM)

Rahul Gandhi FIR News: हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद आयोजित 'शुद्धिकरण यज्ञ' पर टिप्पणी करना राहुल गांधी को भारी पड़ गया है. एक अनुसूचित जाति के युवक की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज
राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज
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Rahul Gandhi FIR Haldwani: उत्तराखंड के हल्द्वानी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है. यह FIR अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाले अमित कुमार नामक युवक की शिकायत पर दर्ज की गई. शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. मामला  8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस की रैली के बाद आयोजित एक 'शुद्धिकरण यज्ञ' और उस पर राहुल गांधी द्वारा की गई टिप्पणी से जुड़ा हुआ है.

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जानें किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 196 और 299 के तहत मामला दर्ज किया है. इसके साथ ही शिकायत के आधार पर FIR में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1) को भी जोड़ा गया है. पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. FIR के अनुसार  शिकायतकर्ता अमित कुमार ने खुद को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास का सदस्य हैं बताया है.

FIR में क्या-क्या आरोप लगाए गए?

बिना सत्यापन के गंभीर आरोप लगाना: अपनी शिकायत में अमित का कहना है कि 11 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान, हल्द्वानी में की गई सफाई और धार्मिक अनुष्ठान (हवन/शुद्धिकरण) में वे स्वयं (जो वाल्मीकि/अनुसूचित जाति से हैं) तथा अनुसूचित जाति के अन्य व्यक्ति सहभागी थे. इसके बावजूद, 29 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना किसी तथ्य या सत्यापन के इस कार्यवाही को "छुआछूत एवं अनुसूचित जाति के विरुद्ध अपराध" घोषित किया गया.
सार्वजनिक रूप से अपमानित करना: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना को जातिगत स्वरूप देकर और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग करके, शिकायतकर्ता (जो स्वयं अनुसूचित जाति से हैं) और अन्य सहभागियों को लोक दृष्टि में "छुआछूत करने वाले", "जातिवादी" और "दलित विरोधी" के रूप में चित्रित कर अपमानित किया गया है.
वैमनस्य और तनाव उत्पन्न करना: आरोप है कि दिए गए वक्तव्यों से समुदायों के मध्य वैमनस्य, घृणा और दुर्भावना की भावना को बढ़ावा मिला है तथा सामाजिक तनाव उत्पन्न हुआ है.
पक्ष न सुनना और पड़ताल न करना: शिकायतकर्ता के अनुसार, सार्वजनिक रूप से इतने गंभीर आरोप लगाने से पहले न तो समिति से तथ्यों की जानकारी ली गई, न ही अनुसूचित जाति/वाल्मीकि समाज से आने वाले सहभागियों का पक्ष सुना गया, और न ही 8 अगस्त 2026 के कार्यक्रम के उपरांत मैदान की वास्तविक स्थिति की कोई जांच की गई.
सामाजिक/राजनीतिक दबाव और धमकी मिलना: एफआईआर में उल्लेख है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रसारण के बाद शिकायतकर्ता और समिति से जुड़े लोगों के विरुद्ध सामाजिक व राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, लोगों को उकसाया जा रहा है तथा अपमानजनक और धमकी भरे संदेश प्राप्त हो रहे हैं. इससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, सामाजिक सम्मान, जीविका और सुरक्षा प्रभावित हुई है तथा उनका परिवार भय और मानसिक प्रताड़ना की स्थिति में है.
सार्वजनिक बयान से अपराध हेतु उत्प्रेरित करना: शिकायत में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित बयानों के माध्यम से एक वर्ग को दूसरे वर्ग के विरुद्ध उकसाने और शत्रुता व घृणा फैलाने का प्रयास किया गया है.

विवाद की मुख्य वजह क्या थी?

दअसरल, इस विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को हुई थी. इस दिन यहां कांग्रेस की रैली का आयोजन हुआ था. इसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे. आरोप है कि कांग्रेस की इस रैली के बाद हिंदूवादी संगठन ने रामलीला मैदान में 'शुद्धिकरण यज्ञ' किया. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि रैली के बाद मैदान में फैली गंदगी गई थी और रैली के दौरान ही वहां कथित तौर पर सांप्रदायिक नारों लगाए गए थे. ऐसे में इस लिए शुद्धिकरण यज्ञ किया गया था. जैसे ही मामले का पता चला तो इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई. कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने इस शुद्धिकरण यज्ञ को मल्लिकार्जुन खरगे की दलित पहचान से जोड़ते हुए इसे छुआछूत और दलित विरोधी मानसिकता बताया था. राहुल गांधी की इसी टिप्पणी के बाद विवाद गहरा गया और यह मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है.

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