बिना वर्दी के आए, गाली-गलौच की, फोन छीने…चमोली के पूर्व प्रधान बलवंत सिंह की हरियाणा पुलिस हिरासत में मौत, परिवार ने लागए ये गंभीर आरोप

Uttarakhand news: उत्तराखंड के चमोली से हरियाणा पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए 65 वर्षीय बलवंत सिंह पंवार की संदिग्ध हालात में मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गाली-गलौज की और बिना सूचना दिए उन्हें उठा ले गई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई.

Balwant Singh Panwar case
Balwant Singh Panwar case

सिद्धांत उनियाल

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Balwant Singh Panwar case: रविवार का दिन था. जोशीमठ ब्लॉक के मोल्टा गांव में 65 वर्षीय बलवंत सिंह पंवार अपने रोजमर्रा के काम में लगे थे. इसी बीच सुबह उनके घर कुछ लोग पहुंचे और उनसे पूछताछ करने लगे. पूछताछ कर रहे इन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और कहा कि वे हरियाणा के रोहतक जिले से आए हैं. बताया जा रहा है कि ये सभी सादे कपड़ों में थे. आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने परिवार के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौच भी की. इसके बाद वे बलवंत सिंह को अपने साथ रोहतक ले जाने लगे. दावा है कि रास्ते में कर्णप्रयाग के पास उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ने पर उन्हें  उन्हें बेस अस्पताल ले जाया गया. लेकिन इलाज के दौरान कुछ ही देर बाद ही उनकी मौत हो गई. अब इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं. आखिर क्या है पूरा मामला? आइए विस्तार से समझते हैं.

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सबसे पहले जानिए क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 7 बजे रोहतक पुलिस बिना वर्दी के गोपेश्वर स्थित आदर्श कॉलोनी पहुंची. परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज की और घर के सदस्यों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए ताकि वे किसी को सूचना न दे सकें. परिजनों ने बताया कि इन पुलिसकर्मियों ने उन्हें बताया  कि बलवंत सिंह के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज है. ऐसे में वे उन्हें पूछताछ के लिए रोहतक ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर चली गई.

रास्ते में बिगड़ी तबीयत फिर अस्पताल में मौत

पुलिस बलवंत सिंह को लेकर हरियाणा जा रही थी कि कर्णप्रयाग के पास उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई. पुलिस ने उन्हें पहले कर्णप्रयाग के उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया.  साथ ही बलवंत के बेटे से फोन पर पूछा कि उनकी कौन सी दवाइयों जल रही है. हालांकि, हालत बिगड़ने पर उन्हें श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल ले जाया गया. परिजनों का कहना है कि जब तक वे अस्पताल पहुंचे तब तक बलवंत सिंह की मौत हो चुकी थी. अस्पताल में भर्ती होने के महज 20 मिनट के भीतर उन्होंने दम तोड़ दिया.

तीन बार निर्विरोध प्रधान रहे थे बलवंत सिंह

स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा है. सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर जोशी ने बताया कि बलवंत सिंह क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति थे. वह 15 साल तक निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे और कुल 20 सालों तक प्रधानी का दायित्व निभाया. ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने एक सम्मानित बुजुर्ग के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया और दबंगई दिखाते हुए उन्हें घर से उठाया, जो बेहद असंवैधानिक और दुर्भाग्यपूर्ण है.

NHRCकी गाइडलाइन के तहत हुआ पोस्टमार्टम

वहीं मामले की जानकारी देते हुए चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि बलवंत सिंह को कोर्ट के आदेश पर हरियाणा पुलिस ले जा रही थी. उन्होंने बताया कि मौत के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की गाइडलाइन के तहत एम्स के डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. यह पूरी प्रक्रिया पुलिस प्रशासन की निगरानी में की गई है ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके.

हरियाणा पुलिस की टीम पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित परिवार की शिकायत और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए चमोली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. एसपी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर गोपेश्वर थाने में हरियाणा से आई 5 पुलिसकर्मियों की टीम के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है.

इनपुट- कमल नयन सिलोड़ी

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