Sidcul Workers Protest: देहरादून के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा श्रमिकों का आंदोलन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रव, पुलिस और फैक्ट्री परिसर पर भारी पथराव करने वाले आरोपियों पर पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही अब पुलिस ने सेलाकुई और सिडकुल औद्योगिक क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इलाके में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है. ऐसे में अब पूरा इलाक छावनी में तबदील हो गया है.
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आपको बात दें कि हाल ही में सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में डिक्सन टेक्नोलॉजी, लाइटेनियम टेक्नोलॉजी और ग्लोबल मेडिकोज जैसी बड़ी कंपनियों के बाहर श्रमिकों सैलरी बढ़ाने काे लेकर सड़क पर उतर आए थे. इस दौरान प्रर्दशनकारियों के बीच छिपे कुछ उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया था. इसके बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाया है.
सड़कों पर उतरा भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल
सेलाकुई क्षेत्र में बढ़ते तनाव को शांत करने के इलाके में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को बहाल करने के लिए पूरे सेलाकुई क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. इस क्रम में रविवार को अर्धसैनिक बलों के जवानों और पुलिस ने इलाके में एक साथ फ्लैग मार्च निकाला. इस दौरान सड़कों पर उतरे जवानों के इस फ्लैग मार्च के जरिए कानून हाथ में लेने वाले उपद्रवियों को साफ संदेश दे दिया गया है कि अगर किसी ने भी दोबारा माहौल बिगाड़ने या बवाल करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सीधे और बेहद कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
550 से लेकर 600 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अमले द्वारा आम जनता को क्षेत्र में लागू की गई धारा 163 बीएनएसएस के नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई. इस आदेश के तहत अब सेलाकुई और सिडकुल परिसर में किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन करने और पांच से अधिक लोगों के एक साथ एक जगह पर जमा होने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही बिना अनुमति के डीजे, लाउडस्पीकर और किसी भी तरह के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. इस पूरे उपद्रव और हिंसा के मामले में देहरादून पुलिस ने एक बहुत बड़ा एक्शन लेते हुए 550 से लेकर 600 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इसके साथ ही उपद्रवियों की वीडियो के आधार पर पहचान की जा रही है.
पुलिस ने तीन और उपद्रवियों को किया गिरफ्तार
वहीं, डिक्सन फैक्ट्री परिसर और पुलिस टीम पर हुए पथराव के संबंध में एक्शन मोड में आई पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार छेड़ दिया है. इसी कड़ी में पुलिस टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग संगठित होकर कंपनियों और मोहल्लों में जाकर श्रमिकों को भड़का रहे हैं और काम पर जाने वाले लोगों को जबरन रोककर उनके साथ मारपीट पर उतारू हैं. इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक सुमेर सिंह, कांस्टेबल सुधीर पंवार, अमित कुमार और बृजेश रावत की पुलिस टीम ने मौके से तीन और उपद्रवियों सलमान, तैयब और अजीम को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार कर लिया. इन तीनों पर शांति व्यवस्था भंग करने और दोबारा बवाल खड़ा करने की साजिश रचने का आरोप है.
जानिए क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 16 मई को मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान अचानक माहौल हिंसक हो उठा था. यहां प्रर्दशनकारियों के बीच छिपे उपद्रवियों ने अचानक पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया था. इस सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस लगातार औधोगिक क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने वाले उपद्रवियों पर शिकंजा कसने में जुटी हुई है. आज हुई तीन नई गिरफ्तारियों से पहले भी पुलिस 10 उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी थी, जिसके बाद अब तक गिरफ्तार हुए कुल आरोपियों की संख्या 13 हो चुकी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सेलाकुई को सुलगाने वाले कई और उपद्रवी चेहरे अभी पुलिस की रडार पर हैं और आने वाले समय में गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.
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