Shimla News: शिमला में एक घर की अलमारी खुली तो अंदर का मंजर देखकर परिवार के होश उड़ गए. करोड़ों की कीमत के जेवर और नकदी गायब थी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल था कि इतनी बड़ी चोरी को अंजाम किसने दिया? पुलिस ने जांच शुरू की तो शक की एक कड़ी उत्तराखंड तक जा पहुंची. इसके बाद रुद्रपुर में हुई कार्रवाई ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी. चार आरोपी गिरफ्तार हुए और चोरी के माल का बड़ा हिस्सा बरामद हो गया. आखिर शिमला से रुद्रपुर तक कैसे पहुंची इस करोड़ों की चोरी की कहानी और पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुंच बनाई?
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8 सितंबर को सामने आया मामला
पूरे मामले की शुरुआत 8 सितंबर 2026 को हुई, जब शिमला के सदर थाना क्षेत्र में चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक, उनके घर में सफाई के काम के लिए एक युवती को रखा गया था. घटना के बाद घर में रखे कीमती सामान की जांच की गई तो चोरी का पता चला. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. चोरी की रकम और सामान की कीमत काफी ज्यादा होने के कारण पुलिस ने अलग-अलग पहलुओं से जांच आगे बढ़ाई.
खुली अलमारी ने खोला चोरी का राज
घटना वाले दिन सुबह जब शिकायतकर्ता अपने कमरे में पहुंचे तो वहां का नजारा बदला हुआ था. कमरे की अलमारियां खुली पड़ी थीं और सामान बिखरा हुआ था. जब घर में रखे सामान की जांच की गई तो कीमती जेवर और नकदी गायब मिली. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चोरी गए सामान की कुल कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक थी. इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों और उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर जांच शुरू की. पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और संभावित आरोपियों की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया.
तकनीकी जांच से मिला उत्तराखंड का सुराग
शिमला पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की. जांच के दौरान कुछ ऐसे सुराग सामने आए, जिनका कनेक्शन उत्तराखंड से जुड़ता दिखाई दिया. इसके बाद शिमला पुलिस ने उत्तराखंड पुलिस से संपर्क किया. दोनों राज्यों की पुलिस ने मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए संयुक्त कार्रवाई की तैयारी की. जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस रुद्रपुर तक पहुंची, जहां संदिग्धों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली.
रुद्रपुर में पुलिस ने की छापेमारी
जांच में उत्तराखंड कनेक्शन सामने आने के बाद शिमला पुलिस ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया. पुलिस टीमों ने रुद्रपुर में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान देवेन्द्र कुमार (56 वर्ष), पप्पु लाल (58 वर्ष), बलजीत सिंह (35 वर्ष) और नईम (36 वर्ष) के रूप में हुई है. ये सभी आरोपी उत्तराखंड के रहने वाले हैं.
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बरामदगी
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई आगे बढ़ाई. पुलिस के मुताबिक, अब तक चोरी हुई संपत्ति का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा बरामद किया जा चुका है. बरामद सामान में सोने-चांदी के आभूषण और दूसरी कीमती चीजें शामिल बताई गई हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का बाकी सामान कहां है. इसके साथ ही मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है.
अब बाकी सामान और अन्य कड़ियों की तलाश
पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में कई अहम कड़ियां सामने आई हैं, लेकिन जांच अभी जारी है. पुलिस बाकी बचे सामान की बरामदगी के साथ यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया. अधिकारियों के मुताबिक, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की जानकारी जुटा रही है. फिलहाल करीब 80 फीसदी सामान की बरामदगी को इस जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है.
शिमला पुलिस ने लोगों से की अपील
इस घटना के बाद शिमला पुलिस ने लोगों से घरेलू सहायकों और कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की अपील की है. पुलिस ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को घर, दुकान या दफ्तर में काम पर रखने से पहले उसकी पहचान और पते की जानकारी जरूर जांचें. कर्मचारी का पूरा नाम, स्थायी पता, पहचान पत्र और पिछले रोजगार से जुड़ी जानकारी लेना जरूरी है. पुलिस ने लोगों से यह भी कहा है कि केवल मौखिक पहचान या किसी की सिफारिश के आधार पर बिना सत्यापन किसी अनजान व्यक्ति को काम पर न रखें.
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