विकासनगर: बवाल के बीच धू-धू कर जली पेट्रोल से भरी बाइक, SHO नरेश राठौर ने जो किया, बहादुरी का वीडियो कैमरे में हुआ कैद

Vikasnagar Violence News: देहरादून के बैरागीवाला हिंसा के बीच 'आज तक' के कैमरे में एक एक्सक्लूसिव वीडियो रिकॉर्ड हुआ है. इसमें एक कमरे में पेट्रोल से भरी बाइक धू-धू कर जल रही थी और विस्फोट का खतरा बना हुआ था. लकिन तभी SHO नरेश राठौर बिना अपनी जान की परवाह किए आग पर काबू पाया लिया.

हिंसा के बीच पुलिस की बहादुरी आई सामने
हिंसा के बीच पुलिस की बहादुरी आई सामने

टीना साहू

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Bairagiwala Violence: देहरादून के विकासनगर के बैरागीवाला गांव में हिंसक झड़प में युवक की मौत के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. इस बीच आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई. प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में पथराव कर दिया. हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी. अब मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं मामले में सीएम धामी का बयान भी सामने आया है. सीएम ने कहा कि किसी भी किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, जो भी अपराध करेगा वो बच नहीं पाएगा. इस बीच पुलिस की बहादुरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसे खुद आज तक की टीम ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है.

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पहले जानिए वीडियो में क्या दिखा?

दरअसल, प्रदर्शनकारियों ने एक बाइक पर आग लगा दी थी और बाइक कमरे में धू-घू कर जल रही थी. देखते ही देखते बाइक आग की लपटों में घिर गई. बाइक की टंकी पेट्रोल से भरी हुई थी ऐसे में उसमें धमाका होने का खतरा बना हुआ था. इस दौरान प्रेमनगर थाने के SHO नरेश राठौर वहीं मौजूद थे. उनके एक हाथ में हेलमेट और दूसरे हाथ में कपड़ा था. उन्होंने जैसे ही कमरे के अंदर जलती हुई बाइक देखी तो उन्होंने हेलमेट वहीं छोड़ दिया और बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे कमरे के अंदर दौड़ पड़े.

SHO नरेश राठौर ने कपड़े की मदद से जलती हुई बाइक की आग बुझाने लगे. इस दौरान बाइक की पेट्रोल टैंक में विस्फोट का खतरा बना हुआ था. इसके बावजूद नरेश राठौर ने पीछे हटने के बजाय लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे. कुछ ही देर की कोशिश के बाद पुलिस आग पर काबू पा लिया. इस पूरी घटना के दौरान 'आज तक' की टीम भी मौके पर मौजूद थी और SHO नरेश राठौर की बहादुरी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. इस दौरान अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो कमरे में बड़ा विस्फोट हो सकता था.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, देहरादून के विकासनगर क्षेत्र के सहसपुर के बैरागीवाला गांव में शनिवार 13 जून 2026 की शाम को खेतों में पानी को लेकर हुए विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई. देखते देखते ये विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि इस दौरान मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों की भीड़ ने लाठी-डंडों से बीजेपी युवा मोर्चा के सोशल मीडिया प्रभारी विनोद कश्यप के घर पर हमला कर दिया। इस हमले में विनोद बुरी तरह से चोटिल हो गए, जबकि उनके भाई  और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को अस्पताल ले जाया गया लेकिन यहां उपचार के दौरान विनोद की मौत हो गई.

ग्राम प्रधान का दावा, पुराना जमीन विवाद भी वजह

वहीं, बैरागीवाला के ग्राम प्रधान विक्की कश्यप का दावा है कि मामला केवल खेत में पानी लगाने को लेकर हुए विवाद का नहीं है. उनके अनुसार, गांव की पूर्व प्रधान साइना परवीन और उनके परिवार पर लंबे समय से जमीन पर कब्जे के आरोप लगते रहे हैं. विक्की कश्यप का कहना है कि मृतक विनोद कश्यप इस मुद्दे को लगातार उठा रहे थे, जिसके बाद उन्हें पिछले साल से लगातार धमकियां मिल रही थीं. इस संबंध में सहसपुर थाने में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और आखिरकार मामला हिंसा तक पहुंच गया.

घटना के बाद आरोपियों के घर पहुंची प्रशासन की टीम

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम दो जेसीबी मशीनों के साथ आरोपियों के घर पहुंची. इस दौरान एक आरोपी के मकान की दीवारें तोड़ी गईं. इस बीच मौके पर मौजूद हिंदूवादी संगठनों ने यहां खड़े एक ट्रैक्टर में आग लगा दी गई और एक जनरेटर को भी नुकसान पहुंचाया. प्रदर्शनकारियों ने आसपास के तीन से चार घरों में भी आग के हवाले कर दिया. हालांकि पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया और स्थिति को और बिगड़ने से रोक दिया.

हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस से हुई झड़प

घटनास्थल पर पहुंचे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की. बढ़ते तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया. इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया. इसके बाद में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया, जिसे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत के बाद खुलवाया.

12 पर FIR, हिरासत में 8 लोगों

पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है. अब तक पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लेने की पुष्टि की है. हालांकि ये साफ नहीं किया गया है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग नामजद आरोपी हैं या कोई और. वहीं इसके अलावा कुछ अन्य संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए पकड़ा गया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है. एहतियातन बैरागीवाला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

सीएम धामी का बयान आया सामने 

उधम सिंह नगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "उत्तराखंड में जो भी कानून अपने हाथ में लेगा या अपराध करेगा, उसके खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा. कानून के तहत कठोर से कठोर कदम उठाए जाएंगे. देहरादून में भी इस तरह की घटना हुई है. वहां प्रशासन सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है. जांच पूरी होने के बाद वहां भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. जो भी अपराध करेगा, वह बच नहीं पाएगा. उत्तराखंड में हमने ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हर हाल में होगी."

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