सितंबर का महीना जाते-जाते भी उत्तराखंड के लिए राहत भरी खबर नहीं लाया है. सूबे के कई इलाकों में थम-थमकर हो रही मूसलाधार बारिश ने अब तबाही का रूप लेना शुरू कर दिया है. सबसे डरावना मंजर ऊधम सिंह नगर जिले के सितारगंज से सामने आ रहा है, जहां बेगुल नदी के उफान ने दर्जनों परिवारों की नींद उड़ा दी है.
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सामने आया खौफनाक मंजर
शक्तिफार्म के सुरेंद्रनगर इलाके में बेगुल नदी का कटान इस कदर बढ़ गया है कि किनारे बसे लोगों की जमीन पल भर में पानी में समा रही है. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नदी का तेज बहाव देखते ही देखते बड़े-बड़े पेड़ों और मिट्टी के टीलों को लील रहा है. कुछ पेड़ तो उफनती धारा में बह भी चुके हैं. नदी अब सीधे तौर पर लोगों के घरों के दरवाजे तक पहुंच चुकी है.
बेघर होने के डर से सिहरे ग्रामीण
पानी के लगातार बढ़ते जलस्तर और किनारे से हो रहे कटाव ने सुरेंद्रनगर के निवासियों में खौफ पैदा कर दिया है. कई कच्चे-पक्के मकान और झोपड़ियां अब पूरी तरह नदी की जद में आ चुके हैं. ग्रामीणों का दिल यह सोचकर बैठा जा रहा है कि अगर बारिश का सिलसिला और नदी का यह आक्रामक रुख यूं ही जारी रहा, तो उनका सिर छिपाने का एकमात्र जरिया यानी उनका आशियाना हमेशा के लिए जमींदोज हो जाएगा.
प्रशासन की ढिलाई, लोग खुद बने अपने मददगार
कुदरत के इस कहर के बीच सबसे दुखद पहलू यह है कि प्रभावित लोगों को फिलहाल खुद ही अपनी जंग लड़नी पड़ रही है. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इतना सब होने के बावजूद अभी तक शासन या प्रशासन की कोई टीम उनकी सुध लेने नहीं पहुंची है.
जब मदद के हाथ आगे नहीं बढ़े, तो ग्रामीणों ने हिम्मत जुटाई और खुद ही अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया. लोग अपने-अपने घरों से राशन, कपड़े और कीमती सामान निकालकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भाग रहे हैं.
सुरक्षा और मदद की गुहार
अपनी आंखों के सामने खून-पसीने की कमाई को बहता देख बेबस ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है. लोगों की मांग है कि:
- प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात का मुआयना करें.
- प्रभावित परिवारों के रहने और खाने-पीने का पुख्ता इंतजाम किया जाए.
- नदी के तेज कटाव को रोकने के लिए तुरंत बोल्डर या सुरक्षा दीवार जैसे ठोस इंतजाम किए जाएं.
फिलहाल, बेगुल नदी की गरजती लहरों के बीच सुरेंद्रनगर के लोग सिर्फ एक ही प्रार्थना कर रहे हैं- किसी तरह उनकी छत और उनका सामान सलामत बच जाए.
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