टिहरी: 6 अगस्त से लापता रेशमा का 12 दिन बाद भी सुराग नहीं, झील किनारे मिले सामान ने खड़े किए सवाल

पंकज भट्ट

• 09:04 AM • 17 Aug 2026

Tehri missing woman: टिहरी के लंबगांव से लापता 28 वर्षीय रेशमा रावत का 11 दिन बाद भी सुराग नहीं मिला. झील किनारे मिली अनजान चप्पल और दरांती ने मामले को संदिग्ध बना दिया है. विदेश से लौटे भाई ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी जांच की मांग उठाई है.

टिहरी में 12 दिन से लापता रेशमा का नहीं मिल रहा सुराग
टिहरी में 12 दिन से लापता रेशमा का नहीं मिल रहा सुराग
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Tehri Reshma Rawat missing News: उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव इलाके से 6 अगस्त से लापता हुई 28 साल की रेशमा रावत का 12 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है. रेशमा के बारे में कोई जानकारी न मिलने से परिवार के लोग काफी परेशान हैं और उन्हें किसी अनहोनी की चिंता सता रही है. वहीं, पुलिस और परिजन लगातार रेशमा की तलाश में जुटे हुए हैं. पुलिस की टीमें आसपास के जंगलों, नदी, नालों और झील के आसपास तलाशी अभियान चला रही हैं. पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में तलाश के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है. इसी बीच रेशमा के मायके वालों ने उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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भाई ने ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

रेशमा के बुजुर्ग पिता राम सिंह रावत का कहना है कि उनकी बेटी 6 अगस्त को गायब हुई थी, लेकिन ससुराल के लोगों ने उन्हें तुरंत कोई जानकारी नहीं दी. उन्हें इस बात का पता अपने रिश्तेदारों के जरिए बाद में चला. इस बीच खबर मिलते ही रेशमा का भाई विकास रावत दुबई से गांव लौट आया है. विकास ने रेशमा के ससुराल वालो पर उसकी बहन को परेशान किए जाने का आरोप लगाया है. विकास का कहना है कि रेशमा की ननद और परिवार के अन्य सदस्य लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे. अब पर रेशमा के मायके वालों को को किसी बड़ी अनहोनी का डर सता रहा है.

झील किनारे मिले सामान पर उठाए सवाल 

इस बीच रेशमा के गायब होने के अगले दिन यानी 7 अगस्त को इलाके की एक झील के किनारे उसके कपड़े, एक चप्पल और दरांती मिलने का दावा किया गया था. हालांकि भाई विकास ने इन चीजों का रेशमा के हाेने से इनकार कर दिया है. उसका कहना है कि यह चप्पल और घास काटने वाली दरांती उसकी बहन की नहीं है.

विकास ने सवाल उठाया कि अगर 6 अगस्त को उस जगह पर ढूंढने गए लोगों को कुछ नहीं मिला तो 7 अगस्त को वहां सामान कैसे आ गया? परिजनों ने पुलिस से इन सभी चीजों के फिंगरप्रिंट और फॉरेंसिक टेस्ट कराने की मांग की है. उनका कहना है कि मामले को केवल खुदकुशी मानकर न देखा जाए, बल्कि मर्डर के कोण से भी जांच की जाए.

ढाई साल का मासूम बच्चा और उम्मीद में टिका परिवार

जानकारी के अनुसार रेशमा का एक ढाई साल का छोटा बच्चा है. परिजनों के मुताबिक रेशमा ने करीब 28 महीने तक अपने पति का इंतजार किया था. ऐसे में परिवार का मानना है कि वह खुद अपनी मर्जी से कोई गलत कदम नहीं उठा सकती. फिलहाल लंबगांव पुलिस अपने सभी तकनीकी और इंसानी संसाधनों का इस्तेमाल कर महिला को खोजने में लगी है. वहीं दूसरी तरफ पीड़िता का परिवार अब भी किसी ऐसे सुराग की राह देख रहा है, जो रेशमा तक पहुंचा सके.

पुलिस ने क्या बताया?

वही इस मामले में जानकारी देते हुए एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि गुमशुदगी की शिकायत मिलते ही पुलिस टीम बना दी गई थी. गांव जणगी और उसके आसपास के इलाकों में छानबीन जारी है. जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मोटरबोट लेकर झील तथा डैम के गहरे पानी में तलाश कर रही हैं. इसके साथ ही रेशमा के मोबाइल की सीडीआर, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया खातों की भी गहनता से जांच की जा रही है. फोटो वाले पर्चे पड़ोसी जिलों के थानों में भी बांटे गए हैं.

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