Uttarakhand Forest Fire News: उत्तराखंड के जंगलों में इन दिनों आग का भयानक तांडव देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में यहां हरे-भरे जंगलों में आग लग रही है. धू-धू कर जल रहे जंगलों से वन संपदा के नष्ट होने के साथ ही अब यहां रहने वाले जंगली जानवाराें के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है. इस बीच अब आग की इन घटनाओं के लेकर उत्तराखंड वन विभाग ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं. इन आंकड़ाें के अनुसार में प्रदेश में बीते कुछ महीनों के अंदर आग लगने की सैकड़ों घटनाएं दर्ज की गईं. इसके कारण सैकड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक हो गया. लगातार आग लगने की इन घटनाओं ने वन विभाग और पर्यावरण प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है.
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जंगल में आग की कुल घटनाएं और प्रभावित क्षेत्र
वन विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में 15 फरवरी से लेकर 26 मई 2026 तक जंगल की आग की कुल 398 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं की वजह से अब तक कुल 341.77 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है. आंकड़ों के मुताबिक पूरे राज्य के आरक्षित वन क्षेत्रों में अब तक 242 घटनाएं सामने आई हैं, जबकि सिविल सोयम एवं वन पंचायत क्षेत्रों में आग लगने की 156 मामले दर्ज किए गए.
गढ़वाल क्षेत्र में वनाग्नि से सबसे ज्यादा नुकसान
वन विभाग की के आंकड़ाें के मुताबिक इस दौरान गढ़वाल मंडल में आग की सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गई. यहां के जंगलों में 289 वनाग्नि की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं में से 178 आरक्षित वन क्षेत्र के अंदर रिपोर्ट की गई, जबकि 111 घटनाएं सिविल एवं सोयम और वन पंचायत क्षेत्रों में दर्ज की गई हैं. आग लगने से अकेले गढ़वाल में कुल 251.97 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इस प्रभावित क्षेत्र में 167.92 हेक्टेयर आरक्षित वन और 84.05 हेक्टेयर सिविल सोयम क्षेत्र शामिल है. इसके साथ ही गढ़वाल में 3.5 हेक्टेयर प्लांटेशन क्षेत्र भी आग की चपेट में आ गया है.
कुमाऊं मंडल और वन्यजीव क्षेत्रों के हालात
गढ़वाल के मुकाबले कुमाऊं मंडल में आग की कम घटनाएं दर्ज की गई हैं. आंकड़ों के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र में वनाग्नि की कुल 74 घटनाएं सामने आई हैं. इनमें से 36 घटनाएं आरक्षित वन क्षेत्र में और 38 घटनाएं सिविल सोयम एवं वन पंचायत क्षेत्रों में रिकॉर्ड की गई हैं. कुमाऊं में इस आग की वजह से कुल 64.05 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. इनके अलावा, राज्य के प्रशासन एवं वन्यजीव क्षेत्र की बात करें तो वहां आग की 35 घटनाएं सामने आई हैं, जिससे कुल 25.75 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है.
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