कंधे से बैज उतारा, इस्तीफा लहराया... जंतर मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने वाले उत्तराखंड पुलिस के सिपाही शेर सिंह नौकरी से बर्खास्त

Uttarakhand Police Constable Sher Singh News: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बैज उतारकर इस्तीफा लहराने वाले उत्तराखंड पुलिस के सिपाही शेर सिंह पर आखिरकार बड़ा एक्शन हो गया. विभागीय जांच में गंभीर अनुशासनहीनता और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि के बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. जानिए पूरा मामला और कार्रवाई की वजह.

उत्तराखंड पुलिस ने सिपाही शेर सिंह को नौकरी से किया बर्खास्त
उत्तराखंड पुलिस ने सिपाही शेर सिंह को नौकरी से किया बर्खास्त
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Uttarakhand Police Constable Sher Singh: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से चर्चा में आए उत्तराखंड पुलिस के सिपाही शेर सिंह पर विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है. शेर सिंह ने प्रदर्शन के दौरान मंच से  अपनी वर्दी का बैज उतारकर और नौकरी से इस्तीफे का कागज लहराया था. अब विभाग ने अनुशासन और सेवा आचरण के तय पैमानों को तोड़ने के कारण उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. 

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विभागीय जांच में खुला नियमों का उल्लंघन, आदेश तुरंत लागू

पुलिस विभाग ने सिपाही शेर सिंहक के व्यवहार उत्तराखंड पुलिस अधिनियम, 2007 के तहत गंभीर दुराचार और राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन माना. ऐसे में पिथौरागढ़ एसपी ने उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने का सरकारी आदेश जारी किया है.

विवादों से घिरा रहा शेर सिंह का सफर

हरिद्वार के पथरी क्षेत्र के रहने वाले शेर सिंह 2009 पुलिस में भर्ती हुए थे. वे उस समय पहली बार विवादों में घिरे जब उनका नाम अंतर-राज्यीय 'वाल्मीकि गैंग' के साथ जुड़ा और पैसों के लेन-देन के आरोप लगे. इसके बाद विभागीय हित में 8 सितंबर 2025 को उनका ट्रांसफर हरिद्वार से पिथौरागढ़ कर दिया गया था और उन पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हुआ. आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद वे 7 महीने तक ड्यूटी से गायब रहे.

बीमारी के दस्तावेज दिए, फिर भी गैरहाजिर रहने पर हुए सस्पेंड

काम से नदारद रहने के पीछे शेर सिंह ने तनाव और मानसिक अस्वस्थता से जुड़े मेडिकल कागजात जमा कराए थे. हालांकि बिना इजाजत लगातार गायब रहने के कारण उनके खिलाफ नियम 14(1) के तहत विभागीय कार्रवाई की जांच शुरू की गई. बार-बार सामने आ रही अनुशासनहीनता को देखते हुए 20 जुलाई 2026 को उन्हें पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था. इसके बाद NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन में मंच पर जाकर उन्होंने बैज हटाया, इस्तीफा दिखाया और भर्ती परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगाए.

भविष्य के कदमों के जिम्मेदार खुद होंगे-पुलिस विभाग

बर्खास्तगी के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि विभाग में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके साथ ही यह संदेश भी जारी किया गया है कि शेर सिंह अब पुलिस सेवा का हिस्सा नहीं हैं. अगर वे आगे किसी धरना-प्रदर्शन, राजनीतिक गतिविधि या किसी भी गैर-कानूनी काम में शामिल होते हैं, तो उसके लिए उत्तराखंड पुलिस विभाग किसी भी रूप में जवाबदेह नहीं होगा.

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