AE-JE, पुलिस और फॉरेस्ट गार्ड भर्ती की मांग को लेकर देहरादून में सड़कों पर उतरे सैकड़ों युवा, सरकार को दिया 3 दिन का अल्टीमेटम!

अंकित शर्मा

• 08:53 PM • 21 Jul 2026

Uttarakhand Student Protest: देहरादून में सचिवालय घेराव के दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है. युवाओं ने हजारों खाली पदों पर भर्ती, पारदर्शी भर्ती कैलेंडर, पेपर लीक मामलों की जांच और लंबित नियुक्तियां पूरी करने की मांग उठाई. चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन पूरे राज्य में फैलाया जाएगा.

 उत्तराखंड में युवाओं का हल्ला बोल
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Dehradun Uttarakhand berojgar andolan: दिल्ली में जंतर मंतर में चल रहे प्रदर्शन के बीच मंगलवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बेरोजगार युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा. इसके तहत उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सचिवालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य में लंबे समय से भर्तियां रुकी हुई हैं. अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार को तीन दिन की चेतावनी दी है.

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प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर हजारों खाली पद होने के बावजूद भर्ती में देरी करने का आरोप लगाया और सरकारी नौकरियों के लिए एक समय-सीमा वाला रोडमैप मांगा. उन्होंने भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामलों की जल्द जांच की भी मांग की और चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे.

8 साल से नौकरी का इंतजार और 60 हजार पद खाली

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने आरोप लगाया कि राज्य के युवा बीते आठ सालों से सरकारी नौकरी की राह देख रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 60 हजार पद खाली पड़े हैं. सरकार द्वारा 36 हजार नौकरियां देने के दावे पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन में कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन पूरे राज्य में फैलाया जाएगा.

जिम्मेदारी तय करने की मांग

संगठन के सचिव सजेंद्र कठैत ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं की अनदेखी कर रही है. उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में देरी की जिम्मेदारी तय करने की मांग की. इसके साथ ही परीक्षाओं और भर्तियों में आ रही गड़बड़ियों के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई.

क्या हैं अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें?

प्रदर्शनकारी युवाओं ने एई और जेई भर्ती का नोटिफिकेशन तुरंत जारी कर इस साल के भीतर परीक्षा पूरी कराने की मांग की है. इसके अलावा फॉरेस्ट गार्ड के लगभग 1,000 पदों पर भर्ती, असिस्टेंट अकाउंटेंट, स्केलर और जूनियर असिस्टेंट के पदों के लिए विज्ञापन, और महिलाओं के लिए 350 स्पेशल पदों के साथ-साथ पुलिस कॉन्स्टेबल के 1,500 पदों पर भर्ती की भी मांग की. संगठन ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर, फॉरेस्ट रेंजर, एक्साइज इंस्पेक्टर, जेल वार्डर, एक्साइज कॉन्स्टेबल, ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल, सेक्रेटेरिएट गार्ड और अन्य यूनिफॉर्म वाली सेवाओं के लिए नई वैकेंसी की भी मांग की.

आंदोलनकारियों ने मांग की है कि आयोग (UKPSC और UKSSSC) अपनी परीक्षाओं का एक स्पष्ट कैलेंडर जारी करें. इसमें अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक करने, एलटी शिक्षक भर्ती के विजेताओं को तुरंत नियुक्ति देने और शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों की एसटीएफ जांच कराने की मांग शामिल है. युवाओं ने चेतावनी दी है कि समयबद्ध रोडमैप न मिलने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा.

इसके साथ ही आंदोलनकारियों  युवाओं ने उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन और उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन से RO/ARO, JE, AE, EO, APS और ASO जैसे पदों के लिए एक पारदर्शी भर्ती कैलेंडर जारी करने की भी अपील की. इसके अलावा, संघ ने दोनों भर्ती आयोगों द्वारा उम्मीदवारों के मार्क्स जारी करने, LT टीचर भर्ती केस जीतने वाले उम्मीदवारों की तुरंत नियुक्ति, भर्ती कैलेंडर का पालन, शिक्षा विभाग में कथित फर्जी सर्टिफिकेट की STF से जांच, UJVNL, UPCL, PITCUL और TG-2 पदों पर भर्ती, और विभिन्न सरकारी विभागों में खाली लाइब्रेरियन पदों के लिए नए विज्ञापन जारी करने की मांग की.