पौड़ी: कौन हैं मरोड़ा की युवा ग्राम प्रधान वीरा रावत… जानिए बुजुर्ग संग उनका विवाद, वायरल वीडियो और थाने में पैर छूकर माफी की पूरी कहानी!

Uttarakhand Gram Pradhan Veera Rawat controversy: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में युवा ग्राम प्रधान वीरा रावत और एक बुजुर्ग के बीच विवाद अब सोशल मीडिया पर चर्चा बना हुआ है. पहले हाथ पकड़ने और अभद्रता का आरोप लगा, फिर थाने में बुजुर्ग द्वारा पैर छूकर माफी मांगने का वीडियो वायरल हो गया. इसके बाद इंटरनेट पर बहस और ट्रोलिंग तेज हो गई. जानिए क्या है पूरा मामला.

Uttarakhand Gram Pradhan Veera Rawat controversy
Uttarakhand Gram Pradhan Veera Rawat controversy

सिद्धांत उनियाल

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Pauri Garhwal Gram Pradhan Veera Rawat Video: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से एक युवा महिला ग्राम प्रधान बिरमा रावत और बुजुर्ग के बीच का विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. पहले वीडियो में एक बुजुर्ग व्यक्ति और ग्राम प्रधान के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है. दावा  है कि वीडियो में बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा ग्राम प्रधान के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए भी देखा जा सकता है. आरोप है कि इस दौरान बुजुर्ग व्यक्ति ने उनका हाथ पकड़कर खींचा और अभद्र व्यवहार किया. मामला जब पुलिस थाने तक पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बात हुई. लेकिन यहां मामला तब और बिगड़ गया जब पुलिस थाने में बुजुर्ग ने युवा प्रधान के पैर छूकर माफी मांग ली, जिसका वीडियो और फोटो भी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बिरमा का कहना है कि इसके बाद से लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. क्या है पूरा मामला चलिए विस्तार से सिलसिलेवार जानते हैं इस खबर में.

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सबसे पहले जानिए क्या है पूरा मामला?

यह पूरी घटना पौड़ी के थलीसैंण ब्लॉक के मरोड़ा गांव की है. यहां करीब 24 साल की वीरा उर्फ बिरमा रावत ग्राम प्रधान हैं, वे अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चाओं में रहती हैं. ताजा मामला उनके और गांव के ही एक 75 से 76 साल के बुजुर्ग के बीच के विवाद को लेकर है. बिरमा रावत के अनुसार, घटना वाले दिन वे फॉरेस्ट चौकी में अधिकारियों से मुलाकात कर वापस लौट रही थीं. इसका रास्ता बुजुर्ग के ही घर के आगे से निकलता है. वीरा का आरोप है कि बुजुर्ग उनके कैरेक्टर के बारे में गलत बातें कर रहे थे. बिरमा रावत का कहना है कि जब उन्होंने इन बातों की सच्चाई जानने और बुजुर्ग व्यक्ति से इस संबंध में पूछताछ करने की कोशिश की तो दावा है कि इस बात पर बुजुर्ग भड़क गए. उन्होंने हाथ में डंडा उठा लिया और महिला प्रधान का हाथ पकड़कर खींचाकर अभद्र व्यवहार करने लगे. वीरा का कहना है कि इस दौरान अपनी सुरक्षा और सबूत के तौर पर अपने मोबाइल से इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जो अब वायरल हो रहा है.

बुजुर्ग के पैर छुने से फिर बिगड़ा मामला

इस घटना के बाद ग्राम प्रधान वीरा रावत ने थलीसैंण पुलिस को फोन पर सूचना दी और शिकायती पत्र सौंपा. पुलिस ने रात में ही गांव पहुंचकर स्थिति देखी और अगले दिन दोनों पक्षों को थाने बुलाया. थाने में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया. इस दौरान बुजुर्ग ने लिखित रूप से माफी मांग ली और सबके सामने ही युवा प्रधान के पैर छू लिए. वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इसके बाद से ही इस पूरे मामले को लेकर इंटरनेट पर बहस छिड़ गई.

पैर छूने के विवाद पर वीरा रावत की सफाई

बुजुर्ग के पैर छूने वाले वीडियो के सामने आने के बाद पूरा मामला थोड़ा पलट गया है और लोग इस पर तरह-तरह के सवाल उठाने लगे हैं. इस बीच अब वीरा रावत ने इस मामले में अपनी स्थिति साफ की है. वीरा रावत का कहना है कि उन्होंने बुजुर्ग व्यक्ति से न तो पैर छूने के लिए कहा था और न ही माफी मांगने के लिए कहा था. उन्होंने बताया कि वह बुजुर्ग व्यक्ति अगले दिन थाने में अचानक पूरी तरह बदल गया था. वो कभी माफी मांग रहा था तो कभी अपने हाथ का कंगन दिखाकर खुद पर देवता आने का दावा कर रहा था. वीरा ने कहा कि बुजुर्ग होने के नाते उन्होंने उसे माफ कर दिया, लेकिन माफी मांगने के बाद भी उन्हें दोबारा धमकाने की कोशिश की गई जो कि बिल्कुल गलत है.

ग्राम प्रधान वीरा रावत का कहना है कि गांव में शराबबंदी लागू करने और विकास कार्यों के कारण कुछ लोग उनसे पहले से ही नाराज चल रहे हैं. उन्होंने  कहा कि हमारे समाज में यह पुरानी रीति चलती आ रही है कि जब कोई लड़की कुछ अलग करने की सोचती है और लोग उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक पाते तो सबसे पहले उसके चरित्र पर सवाल उठाते हैं. वीरा ने बताया कि इस पूरी घटना और चरित्र हनन की अफवाहों के कारण उन्हें भारी मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ा है.

जानिए कौन हैं युवा ग्राम प्रधान वीरा रावत?

मरोड़ा गांव की 24 वर्षीय ग्राम प्रधान वीरा रावत एक बीटेक ग्रेजुएट हैं.  वे दिल्ली में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन की नौकरी छोड़कर अपने गांव वापस लौटी थीं. वे साल 2025 में हुए पंचायत चुनाव में वह मरोड़ा गांव की ग्राम प्रधान चुनी गईं. वीरा को ट्रेकिंग, फोटोग्राफी और पहाड़ी संस्कृति से बेहद लगाव है. गांव की कमान संभालते ही उन्होंने शराबबंदी जैसे कई कड़े फैसले लिए.

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