Vinod Kandari car accident: उत्तराखंड के देवप्रयाग से बीजेपी विधायक विनोद कंडारी की गाड़ी का कीर्तिनगर पुल के पास हुआ एक्सीडेंट अब बड़ा विवाद बन गया है. इस दुर्घटना के बाद दूसरे पक्ष ने विधायक के निजी सचिव यानी पीए पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि हादसे के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवकों के साथ बदसलूकी की गई. इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है.
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चालक और वाहन स्वामी का दावा: पीए ने पीटा और दी धमकी
वाहन चालक अनुपम राणा उर्फ साहिल ने बताया कि वह वाहन स्वामी रोहित महर के साथ कीर्तिनगर से श्रीनगर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में विधायक की गाड़ी ने उनके वाहन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. चालकों का आरोप है कि उनकी कोई गलती नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद विधायक के पीए मनीष चौहान ने उनका गला दबाया और उन्हें जूतों से पीटा. इतना ही नहीं, उन्हें गोली से उड़ा देने की धमकी भी दी गई. वहीं अब वाहन स्वामी रोहित महर ने भी इन सभी आरोपों की पुष्टि की है और अपनी गाड़ी के नुकसान का हर्जाना मांगा है.
कांग्रेस का कड़ा रुख: सार्वजनिक माफी और हर्जाने की मांग
इस पूरे घटनाक्रम पर देवप्रयाग कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष उत्तम असवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि विधायक की गाड़ी की टक्कर के बाद उनके पीए द्वारा युवकों के साथ मारपीट किया जाना बेहद शर्मनाक है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता ने जनप्रतिनिधि इसलिए चुने हैं कि उनके पीए युवाओं को जूतों से पिटवाएं? कांग्रेस नेता ने विधायक और उनके पीए से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने तथा क्षतिग्रस्त वाहन की भरपाई करने की मांग की है.
विधायक ने दी सफाई, बोले- राजनीतिक रोटियां सेक रहा विपक्ष
दूसरी ओर विधायक विनोद कंडारी ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस दुर्घटना में वह बाल-बाल बचे हैं. उनके खिलाफ फैलाया जा रहा प्रचार पूरी तरह निराधार है. विधायक का कहना है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं और अपनी रोटियां सेक रहे हैं. वहीं, भाजपा के जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कहा कि उन्हें गाड़ी के एक्सीडेंट की सूचना मिली थी, लेकिन मारपीट के मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
पुलिस जांच में जुटी, तय होगा आगे का एक्शन
मामले को लेकर स्थानीय लोग बड़ी संख्या में कीर्तिनगर कोतवाली पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि घटना से जुड़ा स्थल पौड़ी जनपद के अंतर्गत आता है, इसलिए यह मामला कीर्तिनगर कोतवाली के अधिकार क्षेत्र में नहीं है. पुलिस ने शिकायत को उच्च स्तर तक पहुंचाने और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई व जांच करने की बात कही है. अब पुलिस की जांच और बयानों के बाद ही इस पूरे विवाद की असली तस्वीर साफ हो सकेगी.
कौन हैं विनोद कंडारी?
विनोद कंडारी का जन्म 1981 में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय जीत सिंह कंडारी था. वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वर्ष 2024-2025 में वह सार्वजनिक उपक्रम समिति के चेयरमैन भी रहे हैं.
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