दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया. प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही देश के अलग-अलग राज्यों से भी लोग इसमें शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे. इस दौरान प्रोटेस्ट में अगल अलग राजनीतिक दलों से के साथ ही NDA से भी जुड़े कुछ लोगों के भी इसमें शामिल होने की बात सामने आई थी. ऐसे ही एक खबर उत्तराखंड के टिहरी से समाने आई है. दरअसल, सोशल मीडिया पर BJP से जुड़े भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की पूर्व मंडल अध्यक्ष मणिका राणा को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं. इसमें कहा जा रहा है कि मणिका राणा को जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन में शामिल होने की वजह से उन्हें पार्टी के पद से हटा दिया गया. अब इन सब दावों के बीच अब खुद मणिका राणा सामने आई हैं.
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जानिए सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा था दावा?
दरअसल, सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेजी से फैली कि भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) नई टिहरी चंबा मंडल की पूर्व अध्यक्ष मणिका राणा को जंतर-मंतर पर हुए NEET पेपर लीक प्रदर्शन में शामिल होने की सजा मिली है. दावा किया जा रहा था कि इस विरोध प्रदर्शन में जाने की वजह से संगठन ने उन पर कार्रवाई की और उन्हें पदमुक्त कर दिया.
मणिका राणा ने खुद सामने आकर दी सफाई
वहीं, मणिका राणा ने भी सोशल मीडिया के दावों को खारिज किया. उन्होंने बताया कि पढ़ाई और परीक्षाओं की व्यस्तता के चलते उन्होंने मई-जून में ही दायित्व से मुक्ति ले ली थी. उन्होंने कहा कि वह छात्र हितों के लिए जंतर-मंतर गई थीं, क्योंकि NEET पेपर लीक और छात्रों की समस्याएं एक बड़ा मुद्दा थीं, जहां पीड़ित परिवारों की आवाज बनना जरूरी था.
छात्रों की मांग पूरी होने पर जताई खुशी
मणिका राणा ने कहा कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के भविष्य और करियर को दांव पर लगा देती हैं. जंतर-मंतर पर छात्रों की मांगे पूरी होने पर उन्होंने खुशी जाहिर की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनके जंतर-मंतर जाने का पार्टी से कोई विवाद नहीं है और सोशल मीडिया पर खबरों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.
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