बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में सस्पेंड हुए प्रमोद नौटियाल कौन हैं? जानिए आखिर कैसे आया सामने आया उनका नाम और बढ़ा बवाल

अंकित शर्मा

• 11:25 AM • 08 Jul 2026

Badrinath Temple Donation Controversy: बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में सस्पेंड किए गए प्रमोद नौटियाल अब चर्चा का केंद्र बन गए हैं. आखिर मंदिर में उनकी क्या जिम्मेदारी थी, उनका नाम जांच में कैसे सामने आया और सरकार ने इस पूरे मामले में क्या बड़ा कदम उठाया, जानिए पूरी कहानी.

बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में सस्पेंड हुए प्रमोद नौटियाल
बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद में सस्पेंड हुए प्रमोद नौटियाल
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Who is Pramod Nautiyal: बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले ने बड़ा रूप ले लिया है. इस विवाद के सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले में एक आरोपी प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही उन्हें एक कड़ा कारण बताओ नोटिस भी थमाया गया है. अब मामले में हुई इस कार्रवाई के बाद से प्रमोद नौटियाल चर्चा में आ गए हैं. ऐसे में चलिए खबर जानते हैं कि  आखिर प्रमोद नौटियाल कौन हैं? मंदिर की व्यवस्था में उनकी क्या भूमिका थी और कैसे इस पूरे मामले में उनका नाम सामने आया?

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सबसे पहले जानिए कौन हैं प्रमोद नौटियाल?

आपको बता दें प्रमोद नौटियाल बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव के रूप में कार्यरत रहे थे. इसके साथ ही उनके पास मंदिर प्रबंधन से जुड़ी दो बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी थीं. पहला कि वो मंदिर में आने वाले दान की गिनती करने वाली 'थाली भेंट गणना समिति' के सदस्य थे और दूसरी कि वे प्रोटोकॉल अधिकारी की भूमिका भी निभा रहे थे. मंदिर की इस समिति का हिस्सा होने के नाते चढ़ावे की रकम और वस्तुओं की सुरक्षा व गिनती की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी.

कैसे सामने आया प्रमोद नौटियाल का नाम?

प्रमोद नौटियाल के खिलाफ कार्रवाई एक सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद की गई. मंदिर समिति की ओर से जारी किए गए नोटिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को मंदिर परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई थी. इस जांच के दौरान प्रमोद नौटियाल ने थाली भेंट गणना स्थान पर बैठकर सामान्य गिनती करने के बजाय कुछ संदिग्ध चीजें अपने मोबाइल के साथ अपने पास छिपाकर रख ली थीं. यह घटना सीसीटीवी कैमरा में रिकॉर्ड हो गई.

मंदिर समिति ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

इस फुटेज के सामने आने के बाद मंदिर समिति ने बेहद सख्त रवैया अपनाया है. समिति ने आरोपी प्रमोद नौटियाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर 48 घंटे के भीतर लिखित में सफाई मांगी है. उन्हें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि आखिर उन्होंने गिनती के दौरान अपने पास क्या वस्तु रखी थी. समिति का कहना है कि उनकी यह हरकत मंदिर की सामान्य थाली भेंट गणना प्रक्रिया के पूरी तरह खिलाफ है. यदि वे तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठाई हाई लेवल कमेटी

बद्रीनाथ धाम में दान-चढ़ावे से जुड़े इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश मामले की जांच के लिए एक 3 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है. सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के कमिश्नर करेंगे. वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को इस समिति में सदस्य बनाया गया है. यह समिति मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी सभी तरह की गड़बड़ियों की जांच करेगी. सरकार ने समिति को अपनी पूरी जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिनों का समय दिया है. इस अवधि में समिति को पूरी रिपोर्ट प्रशासन को देनी होगी. 

हिंदू संगठनों के आरोपों के बाद शुरू हुई थी जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी. दरअसल, भैरव सेना नामक एक हिंदू संगठन द्वारा बद्रीनाथ मंदिर के भीतर चढ़ावा चोरी होने के गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके तुरंत बाद बीकेटीसी के अध्यक्ष ने एक 4 सदस्यीय शुरुआती जांच समिति बनाई थी. लेकिन अब शासन स्तर से गठित नई हाई लेवल कमेटी इस मामले की जांच को अपने हाथ में लेकर आगे बढ़ाएगी.