Kamaliya Palla Village Viral Video: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बीच पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के कमलिया पल्ला गांव का एक वीडियो व्यवस्था की जमीनी हकीकत दिखा रहा है. गांव के रहने वाले साहिल की पत्नी काजल को अचानक तेज बुखार आ गया. गांव में न अस्पताल है और न ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जबकि सड़क संपर्क भी नहीं है. ऐसे में साहिल अपनी पत्नी को कंधे पर उठाकर सड़क तक ले जाने को मजबूर हुए. उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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अचानक बिगड़ी पत्नी की तबीयत, कंधे पर उठाकर तय किया लंबा सफर
दरअसल, साहिल हाल ही में अपने गांव आए हुए थे. इसी दौरान उनकी पत्नी काजल को अचानक तेज बुखार आ गया. गांव में न तो कोई अस्पताल है और न ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र. स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधा न मिलने और सड़क का संपर्क पूरी तरह कटा होने के कारण साहिल के सामने अपनी पत्नी की जान बचाने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई.
कोई अन्य विकल्प न देखकर साहिल ने अपनी बीमार पत्नी को अपने कंधों पर बैठाया और सिर पर कपड़ा बांधकर करीब 6 से 7 किलोमीटर तक पैदल चढ़ाई और ढलान वाले खतरनाक रास्तों को पार किया. वे किसी तरह अपनी पत्नी को मुख्य सड़क तक ले गए, ताकि वहां से किसी वाहन के जरिए उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा सके.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, CM धामी से लगाई गुहार
कंधे पर पत्नी को लादकर ले जाते समय साहिल ने अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साहिल ने सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित करते हुए अपने क्षेत्र की बदहाली बयां की. साहिल ने वीडियो में कहा "धामी जी, मैं सुन रहा हूं कि आप सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव हैं और पहाड़ों की समस्याओं पर बारीक नजर रख रहे हैं. मैं पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक के कमलिया पल्ला गाँव का रहने वाला हूँ. हमारे यहाँ समस्याएं इतनी हैं कि गिनवाने बैठूं तो सुबह हो जाएगी. लेकिन सबसे बड़ी परेशानी सड़क की है. जब से मैंने होश संभाला है, तब से अपने गांव में सड़क नहीं देखी." उन्होंने आगे कहा कि गांव में कई बार सर्वे हो चुके हैं, सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जमा किए जा चुके हैं और ग्रामीणों ने कई बार आवाजें उठाई हैं, फिर भी सड़क का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो सका.
"सड़क न होने से वीरान हो रहे गांव और हो रही हैं अकाल मौतें"
साहिल ने दर्द व्यक्त करते हुए बताया कि सड़क न होने के कारण शहरों में रहने वाले लोग अपने गांव लौटने से कतराते हैं. करीब 5-6 किलोमीटर का रास्ता बेहद ढलान और चढ़ाई वाला है, जो घने जंगलों से होकर गुजरता है. इस रास्ते पर बुजुर्गों या मरीजों का पैदल चलना लगभग नामुमकिन है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सड़क न होने की वजह से गाँव में अब तक कई लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ चुके हैं. साहिल के मुताबिक, रात में अगर कोई अचानक बीमार पड़ जाए, तो उसे सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है कि कोई उसे उठाकर डॉक्टर तक ले जाए, लेकिन कई बार तब तक मरीज की मृत्यु हो जाती है.
कौन हैं साहिल?
साहिल ने अपनी प्राथमिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव से ही की, जिसके बाद शहर जाकर BCA और MCA की पढ़ाई पूरी की. पिछले करीब 8 वर्षों से वह दिल्ली की एक जानी-मानी IT कंपनी में काम कर रहे हैं. उन्होंने करियर की शुरुआत वेबसाइट डिजाइनर के तौर पर की थी और फिलहाल प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं. वर्क फ्रॉम होम के चलते वह समय-समय पर अपने गांव आते रहते हैं. साहिल और उनकी पत्नी दोनों यूट्यूबर भी हैं और अपने वीडियो के जरिए उत्तराखंड की संस्कृति और ग्रामीण जीवन को दिखाते हैं.
इससे पहले भी कंधों पर लेकर जाने को मजबूर हुए थे ग्रामीण
यह कोई पहली घटना नहीं है जब कमलिया पल्ला गांव के किसी व्यक्ति को इस तरह कंधे या पालकी में लादकर ले जाना पड़ा हो. साहिल ने बताया कि कुछ समय पहले उनके 55 वर्षीय पिता बलवीर सिंह की तबीयत भी अचानक खराब हो गई थी. उस दौरान भी ग्रामीणों की मदद से उन्हें कंधे पर उठाकर ही सड़क तक पहुंचाया गया था. गांव के लोगों के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के तौर पर जोगिमणि स्थित अस्पताल ही एकमात्र सहारा है. हालांकि, वहां भी बेहद सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन सड़क न होने के कारण ग्रामीणों के पास यही एकमात्र नजदीकी विकल्प बचता है.
ग्राम प्रधान ने बताई सर्वे की सच्चाई!
कमलिया पल्ला के ग्राम प्रधान नरेंद्र कुमार ने फोन पर जानकारी दी कि गांव के लिए लगभग 3 किलोमीटर की सड़क बननी है. इसके लिए सर्वे भी पूरा हो चुका है. हालांकि लंबा समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. सड़क के अभाव में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को पालकी या कंधों पर ले जाना पड़ता है.
उक्रांद नेता ने क्षेत्रीय विधायक पर साधा निशाना
इस पूरे मामले पर उक्रांद नेता बलवंत गुसांई ने क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह वीडियो कमलिया पल्ला का है और इससे पहले भी एक बुजुर्ग का वीडियो सामने आया था. उन्होंने आरोप लगाया कि 10 साल से विधायक और पीडब्ल्यूडी मंत्री रहने के बावजूद चौबट्टाखाल और बीरोंखाल क्षेत्र के कई गांव सड़क के लिए तरस रहे हैं.
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