Delhi Hospitals Merger: राजधानी के चार बड़े अस्पतालों को मिलाकर बनेगा एम्स जैसा संस्थान, ट्रांस यमुना के 60 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
Delhi Hospitals Merger: दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली के चार बड़े अस्पतालों (GTB, राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी, आईएचबीएस और कैंसर इंस्टिट्यूट) का आपस में विलय करके AIIMS की तर्ज पर एक भव्य मल्टीस्पेशलिटी संस्थान बनाने का फैसला किया है, जिससे ट्रांस यमुना के 60 लाख लोगों को बेहतर इलाज और सुविधा मिलेगी.
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दिल्ली के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली के चार बड़े सरकारी अस्पतालों को आपस में जोड़कर एम्स की तर्ज पर एक भव्य मल्टीस्पेशलिटी संस्थान बनाने का फैसला किया है. सरकार के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल (LG) की आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है.
किन अस्पतालों का होगा विलय?
स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह के अनुसार, जिन चार प्रमुख अस्पतालों को एक संस्था के अंतर्गत लाया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल
- दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (DSCI)
- राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल
- इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेस (IHBAS)
दिलशाद गार्डन और उसके आसपास चल रहे इन चारों अस्पतालों को अब एक ही प्रशासनिक व्यवस्था के अधीन संचालित किया जाएगा, जिसके लिए जल्द ही टेंडर भी जारी किए जाएंगे.
फैसले से क्या होगा फायदा?
- संसाधनों का बेहतर उपयोग: इस मर्जर का मुख्य उद्देश्य मेडिकल सुविधाओं के दोहराव को रोकना और उपलब्ध बुनियादी ढांचे तथा स्टाफ का最適 (बेहतर) उपयोग करना है.
- मरीजों को राहत: एक ही संस्थान के दायरे में आने से मरीजों को एक यूनिट से दूसरी यूनिट में रेफर करने में आने वाली अड़चनें और परेशानियां खत्म हो जाएंगी.
- 60 लाख आबादी को लाभ: सरकार के मुताबिक, इस नए एकीकृत संस्थान से विशेष रूप से ट्रांस यमुना इलाके के करीब 60 लाख लोगों को सीधा और त्वरित लाभ मिलेगा.
इस ऐतिहासिक स्वास्थ्य पहल से राजधानी का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और अधिक मजबूत होगा तथा आम जनता को इलाज के दौरान होने वाली कठिनाइयों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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