Delhi Police vs Lawyers: शाहदरा थाना विवाद के बाद वकीलों की हड़ताल, जानिए आखिर क्या है पूरा मामला और कब तक जारी रहेगा टकराव?

राजधानी दिल्ली के शाहदरा थाने में वकीलों के साथ मारपीट और आरोपियों की रिहाई के विरोध में वकीलों ने अदालतों में कामकाज ठप कर दिया है. वकीलों ने आरोपी एसीपी और एसएचओ को तुरंत निलंबित करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि न्याय न मिलने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

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Delhi Police Vs Lawyer
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राजधानी दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है. शाहदरा थाने में एक वकील के साथ मारपीट और आरोपियों की कथित तौर पर रिहाई के विरोध में दिल्ली की तमाम अदालतों में वकीलों ने कामकाज ठप कर दिया है. समन्वय समिति (Coordination Committee) के आह्वान पर वकीलों ने आज जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई.

क्या है पूरा विवाद?

वकीलों का आरोप है कि 23 अक्टूबर को शाहदरा इलाके में कुछ वकीलों के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें एक वकील का सिर फट गया था और उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं. इस मामले में पुलिस ने धारा 308 के तहत एफआईआर दर्ज की थी और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया था. हालांकि, वकीलों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को थाने से ही छोड़ दिया.

जब वकील इस मामले की शिकायत करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसीपी और एसएचओ के पास पहुंचे, तो आरोप है कि एसीपी ने कथित तौर पर पिस्तौल निकालकर वकीलों को धमकाया और डराने की कोशिश की. इसके साथ ही वकीलों के पदाधिकारियों के खिलाफ ही झूठी धाराओं में क्रॉस एफआईआर दर्ज करने का भी आरोप लगाया गया है.

वकीलों की मुख्य मांगें:

  • दोषी अधिकारियों का निलंबन: वकीलों ने शाहदरा एसएचओ और संबंधित एसीपी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की मांग की है.
  • सेंसिटिव पोस्टिंग पर रोक: वकीलों ने उच्च अधिकारियों से अपील की है कि ऐसे अधिकारियों को भविष्य में कभी भी किसी संवेदनशील पद पर तैनात न किया जाए.
  • झूठे मुकदमे वापस हों: वकीलों के खिलाफ दर्ज की गई झूठी एफआईआर को तुरंत रद्द करने की मांग की जा रही है.

वकीलों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के चलते न्यायिक कार्यों पर असर पड़ा है. वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कोई संतोषजनक कार्रवाई या न्यायसंगत कदम नहीं उठाया गया, तो यह विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा.

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