दिल्ली: 70 लाख का नुकसान, टूटी दीवारें… जागृति मिश्रा के एनिमल शेल्टर पर बुलडोजर से मचा बवाल, क्या क्या हुआ था खुद बताई पूरी कहानी
Delhi Jagriti Mishra Animal Shelter Bulldozer Action: दिल्ली के घेवरा इलाके में बेजुबानों के लिए बनाए जा रहे एक एनिमल शेल्टर पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद विवाद खड़ा हो गया है. NGO संचालिका जागृति मिश्रा ने बिना नोटिस दीवारें तोड़ने और करीब 70 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया है. मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है. जानिए पूरा मामला.
ADVERTISEMENT

Delhi Jagriti Mishra Animal Shelter Bulldozer Action: दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र के घेवरा इलाके में बेजुबानों के लिए बनाए जा रहे 'स्ट्रीट वर्ड्स एनिमल शेल्टर' (Street Worldz Animal Shelter) पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया है. पिछले कुछ दिनों से इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एनजीओ संचालिका जागृति मिश्रा ने आरोप लगाया है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के अचानक जेसीबी चलाकर शेल्टर की दीवारें तोड़ दी गईं, जिससे करीब 70 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. इस घटना के बाद अब इसमें राजनीतिक रंग भी घुलने लगा है.
6 साल पुरानी संस्था और बेजुबानों के रेस्क्यू का काम
एनजीओ संचालिका जागृति मिश्रा ने बताया कि उनकी संस्था लगभग छह साल पुरानी है. यह संस्था दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक से पैरालाइज्ड, विकलांग और एक्सीडेंटल पशुओं को रेस्क्यू करने का काम करती है. कंझावला क्षेत्र में इस जमीन पर पशुओं के इलाज और बड़े स्तर पर सेवा कार्य के लिए शेल्टर होम का निर्माण कार्य चल रहा था. संचालिका का कहना है कि वे केवल अपनी जमीन पर घेराबंदी (बाउंड्री वॉल) करवा रही थीं, जिसकी सूचना एसडीएम और डीएम को पहले ही दी जा चुकी थी.
बिना नोटिस और बातचीत के कार्रवाई का आरोप
जागृति मिश्रा का दावा है कि घटना से चार-पांच दिन पहले सोनू डबास नाम का एक व्यक्ति खुद को आम आदमी पार्टी का काउंसलर बताकर वहां आया था और जमीन के कागजात व आईडी की मांग कर रहा था. सही पहचान और दस्तावेज न मिलने पर जब पूछताछ की गई तो मामला शांत हो गया था. आरोप है कि शुक्रवार को अचानक दोपहर के वक्त बिना कोई नोटिस दिए जेसीबी लाई गई और शेल्टर की दीवारें तोड़ दी गईं. विरोध करने पर लेबर और महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है. संचालिका का कहना है कि यह निर्माण लोगों के चंदे और मदद से तैयार हो रहा था.
AAP से हैं सोनू डबास या नहीं? जागृति ने खुद बताया
इस पूरे विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना स्टैंड पूरी तरह क्लियर कर दिया है. मौके पर 'आप' विधायक जरनैल सिंह और स्थानीय निगम पार्षद संदीप पहुंचे और स्थिति को साफ करते हुए बताया कि उस व्यक्ति से पार्टी का कोई नाता नहीं है. विधायक ने कहा कि निजामपुर गांव में जो घटना हुई है, उसमें जागृति जी बेजुबान और बेसहारा पशुओं की सेवा का बहुत शानदार काम कर रही हैं. जो व्यक्ति घूस मांगने आया था और खुद को पार्टी से जुड़ा बता रहा था, वह न तो पार्टी में है और न ही उनका कोई रिश्तेदार है. उस शख्स ने अपनी दादागिरी दिखाते हुए दीवारें तोड़ी थीं, जिसका पार्टी या सरकार से कोई लेना-देना नहीं है. जागृति मिश्रा ने भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहती हैं और पशुओं की सेवा ही उनका पहला धर्म है. इस मामले में पुलिस में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
