मुरैना के गिरवर सिंह तोमर संत से बने CRPF हवलदार, 26 साल तक कानूनी जंग जीतकर संभाली ड्यूटी
सीआरपीएफ जवान गिरवर सिंह तोमर को 26 साल बाद अदालत के आदेश से नौकरी वापस मिल गई है. 1999 में बर्खास्तगी के बाद करीब दो दशक तक मंदिर में संत का जीवन बिताने वाले गिरवर सिंह अब बीजापुर में फिर से सीआरपीएफ की वर्दी पहनकर सेवा देंगे.
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गिरवर सिंह ने 26 साल फिर पहनी CRPF की वर्दी. अब बीजापुर में करेंगे ड्यूटी.
मुरैना के गिरवर सिंह तोमर जो गुफा मंदिर में गिरवर दास महाराज के नाम से जाने जाते थे वे अब वर्दी पहनकर ड्यूटी करेंगे. उनका नया अवतार देख हर कोई दंग है और जानना चाहता है कि अखिर ये सब कैसे हुआ. दरअसल ये कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. CRPF में भर्ती होकर देश की सेवा करने का जज्बा मन में पाले गिरवर सिंह एक विवाद के चलते नौकरी से हाथ धो बैठे. हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कानूनी लड़ाई लड़नी शुरू की. इस दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह से बदल लिया. वे गुफा मंदिर में साधु का जीवन जीने लगे. इधर 26 सालों के बाद उन्हें जीत मिली है. एक बार फिर उन्होंने CRPF की वर्दी पहन ली है.
