"यहां बाइक तक नहीं आती, ट्रक कैसे आ गया..." ग्वालियर में नवरात्रि दर्शन करने गए 13 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत, चश्मदीदों ने ये बताया

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के रास्ते पर नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ पर धान से भरा बेकाबू ट्रक चढ़ जाने से 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई घायल हो गए.

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हादसे में 13 लोगों की जान चली गई है. (Photo: ITG)
हादसे में 13 लोगों की जान चली गई है. (Photo: ITG)
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है. नवरात्रि के पावन अवसर पर शीतला माता मंदिर दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की भीड़ पर एक अनियंत्रित ट्रक कहर बनकर टूट पड़ा. धान से लदे इस ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया, जिससे इस भीषण हादसे में 13 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घायलों में सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

रात के सन्नाटे में चीख-पुकार में बदली आस्था

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 

यह खौफनाक मंजर बीती रात करीब 1 बजे का है. नवरात्रि की वजह से रास्ते में काफी भीड़ थी और लोग माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे. तभी अचानक छिनोर की तरफ से आ रहा धान से भरा एक ओवरलोडेड ट्रक बेकाबू होकर भीड़ में घुस गया.

घटना के गवाह बबलू प्रजापति ने नम आंखों से बताया,

"मेरे पिता मोतीलाल प्रजापति और हमारे कुछ रिश्तेदार वहां मौजूद थे. अचानक ट्रक के आने पर हमने चिल्लाकर लोगों को हटने को कहा. कुछ लोग तो जान बचाकर भाग निकले, लेकिन कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए. कई लोगों के हाथ-पैर कट गए और कुछ ने मौके पर ही दम तोड़ दिया."

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने खुद कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा. हादसे के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और चीख-पुकार के बीच अफरा-तफरी मच गई.

प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ितों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा है. चश्मदीदों का कहना है कि जब मेले और नवरात्रि के दौरान प्रशासन आम दिनों में मोटरसाइकिल तक को मंदिर के पास नहीं आने देता, तो फिर इतना भारी-भरकम ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया?

बबलू प्रजापति ने सवाल उठाते हुए कहा, "ऊपर भी पुलिस तैनात थी और नीचे भी बैरिकेड्स थे. मेला खत्म होने से पहले किसी भी गाड़ी को जाने की अनुमति नहीं होती थी. फिर पुलिस ने इस ट्रक को अंदर आने कैसे दिया? यह सीधे तौर पर प्रशासन की बहुत बड़ी लापरवाही है."

पुलिस का क्या कहना है?

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने घटना की पूरी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि छिनोर की तरफ से मंदिर आने वाला रास्ता काफी ढलान वाला है और इस रूट पर भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बैन है.

एसएसपी के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे पुलिस ने इस धान से भरे ट्रक को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन चालक ने पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए. बैरिकेड तोड़ने के बाद ट्रक ढलान पर पूरी तरह बेकाबू हो गया और सीधे मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया. दीवार और गेट के पास मौजूद श्रद्धालु इस भारी-भरकम ट्रक के नीचे दब गए.

फिलहाल, हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल है. प्रशासन और पुलिस के अधिकारी अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं इस बात की भी जांच की जा रही है कि तमाम पाबंदियों के बावजूद ट्रक मंदिर के इतने करीब तक कैसे पहुंच गया.

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