शहीद TI दिलीप पुरी की अंतिम विदाई में रो पड़ा हर शख्स, पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखती रही बेटी

Martyr Ti Dilip Puri: मध्य प्रदेश के धार जिले के शहीद थाना प्रभारी दिलीप पुरी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. इंदौर-बैतूल हाईवे पर अवैध शराब तस्करों ने चेकिंग के दौरान ट्रक से कुचलकर उनकी हत्या कर दी थी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने का ऐलान किया है.

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शहीद TI दिलीप पुरी के अंतिम विदाई में रोया पूरा गांव
शहीद TI दिलीप पुरी के अंतिम विदाई में रोया पूरा गांव
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Martyr Ti Dilip Puri: मध्य प्रदेश के धार जिले के छोटे से गांव बारमंडल के रहने वाले थाना प्रभारी (TI) दिलीप पुरी जब तिरंगे में लिपटकर अपने घर पहुंचे, तो पूरा गांव फफक कर रो पड़ा. मां की ममता, पिता का बुढ़ापा, पत्नी का सुहाग और बच्चों के सिर से साया एक झटके में उजड़ गया. कर्तव्य की वेदी पर अपनी जान कुर्बान करने वाले जांबाज अफसर दिलीप पुरी की अंतिम विदाई का मंजर ऐसा था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. गोस्वामी समाज की परंपरा के अनुसार विधि-विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई, लेकिन उनके जाने से परिवार और इलाके में जो खालीपन आया है, उसे कभी नहीं भरा जा सकता.

अवैध शराब तस्करों ने चेकिंग के दौरान TI को कुचला

यह दर्दनाक घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात इंदौर-बैतूल हाईवे पर घटी. खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को जैसे ही सूचना मिली कि एक अवैध शराब से भरा आयशर ट्रक बेखौफ गुजर रहा है, वे अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए. उन्होंने तस्करों के वाहन को रोकने और ड्राइवर को नीचे उतरने का आदेश दिया. लेकिन कानून का सम्मान करने के बजाय अपराधियों ने मौत का रास्ता चुना और ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर उस अधिकारी के ऊपर से बेरहमी से गुजार दिया जो सिर्फ अपना फर्ज निभा रहा था. गंभीर रूप से घायल दिलीप पुरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे जंग हार गए.

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CM ने किया 1 करोड़ की सहायता और अनुकंपा नियुक्ति का ऐलान

इस वीभत्स और हृदयविदारक घटना के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और मदद का हाथ बढ़ाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद TI दिलीप पुरी के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनकी पत्नी को सब-इंस्पेक्टर पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है. पुलिस प्रशासन भी एक्शन मोड में है और मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है. ट्रक मालिक केरम सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीमें अलीराजपुर से लेकर गुजरात तक लगातार दबिश दे रही हैं.

खुशहाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शहीद दिलीप पुरी का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता है. उनकी बेटी इंदौर में डॉक्टर बनने की पढ़ाई कर रही है, छोटा भाई प्राइवेट नौकरी संभालता है और बुजुर्ग पिता खेतों में मेहनत करते हैं. एक जांबाज अफसर ने खाकी की मर्यादा और अपने फर्ज के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, लेकिन उनकी यह शहादत हमेशा याद रखी जाएगी.

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