'भोजशाला का मूल स्वरूप संस्कृत शिक्षा का केंद्र था'...हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

हाईकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष अपनी इबादत जारी रखने के लिए धार जिले में अलग जमीन के वास्ते सरकार से संपर्क कर सकता है. कोर्ट ने कहा कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाली संरचनाओं का संरक्षण करे.

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धार भोजशाला
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जबलपुर हाईकोर्ट ने भोजशाला के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसके मूल स्वरूप को संस्कृत शिक्षा का केंद्र माना है. उच्च अदालत ने ASI सर्वे और वैज्ञानिक अध्ययन पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुरातत्व एक विज्ञान है और कोर्ट वैज्ञानिक निष्कर्षों पर भरोसा कर सकती है. अदालत ने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं, कानून-व्यवस्था और संरक्षण सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है. वहीं मुस्लिम पक्ष को नमाज के लिए धार जिले में अलग जमीन के लिए सरकार से संपर्क करने की छूट दी गई है.