फ्री फायर खेलते-खेलते हुई दोस्ती, फिर प्यार और किडनैपिंग, गुजरात से लापता लड़की की कहानी कर देगी हौरान, पुलिस ने ऐसे बचाया

जामनगर से असम ले जाई गई लड़की को पुलिस ने 'फ्री फायर' गेम के जरिए संपर्क करने वाले आरोपी के चंगुल से सुरक्षित बरामद कर लिया है. पढ़ें पूरी खबर

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जामनगर से आया हैरान करने वाला मा्मला
जामनगर से आया हैरान करने वाला मा्मला
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ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते क्रेज के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और आंखें खोल देने वाला मामला सामने आया है.  गुजरात के जामनगर से एक नाबालिग लड़की के गायब होने की खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया था, जिसके पीछे की कहानी जानकर आप भी दंग रह जाएंगे.  जी हां, एक पॉपुलर मोबाइल गेम के जरिए शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार और झांसे के जाल में बदल गई, और देखते ही देखते वह लड़की अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर असम जा पहुंची. 

आइए जानते हैं आखिर क्या है यह पूरा मामला और कैसे पुलिस ने अपनी सूझबूझ से इस खतरे को टाल दिया. 

गेमिंग चैट से शुरू हुई थी कहानी

यह पूरी घटना तब शुरू हुई जब जामनगर में रहने वाली एक नाबालिग लड़की बीते 8 अक्टूबर को अचानक घर से गायब हो गई.  वह अचानक एसटी बस स्टैंड से लापता हो गई थी, जिससे उसके परिवार वालों के पैरों तले जमीन खिसक गई.  जब काफी तलाशने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो घबराए परिजनों ने तुरंत जामनगर सिटी ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज कराया. 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लिया और अपनी जांच के पहिए घुमा दिए.  जब पुलिस ने साइबर सेल और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया.  पता चला कि लड़की ऑनलाइन वीडियो गेम 'फ्री फायर' (Free Fire) खेलने की शौकीन थी और इसी गेम के जरिए वह असम के एक युवक के संपर्क में आई थी. 

असम तक फैला था जाल

जांच में खुलासा हुआ कि गेम खेलते-खेलते दोनों के बीच चैटिंग शुरू हुई, फिर नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और धीरे-धीरे फोन पर लंबी बातचीत होने लगी.  आरोप है कि असम के रहने वाले 24 वर्षीय युवक ने नाबालिग को अपने मीठे झांसे में ले लिया और उसे बहला-फुसलाकर जामनगर से करीब 2,000 किलोमीटर दूर अपने गृह राज्य असम बुला लिया. 

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन ट्रेसिंग और अपने खुफिया (मानवीय) स्रोतों की मदद से आरोपी का सुराग ढूंढ निकाला.  पुख्ता जानकारी मिलते ही जामनगर पुलिस की एक स्पेशल टीम ने असम के लिए उड़ान भरी. 

पुलिस ने ऐसे बचाया

जामनगर पुलिस की टीम सीधे असम के बोंगाईगांव जिले के जोगीधोपा गांव पहुंची.  वहां एक छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रद्युत कार्तिक चौधरी को धर दबोचा और उसके चंगुल से नाबालिग लड़की को बिल्कुल सुरक्षित बरामद कर लिया. 

इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर वापस जामनगर लौटी, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उस नाबालिग लड़की को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया.  अपनों को दोबारा पाकर परिवार ने राहत की सांस ली है.  पुलिस ने आरोपी प्रद्युत कार्तिक चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गंभीर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. 

हर माता-पिता के लिए एक बड़ी सीख

यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं.  बच्चे अक्सर इन वर्चुअल दुनिया में अनजान लोगों पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं. 

यही वजह है कि विशेषज्ञों और पुलिस का भी यही कहना है कि माता-पिता को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए.  बच्चों को प्यार से समझाना बेहद जरूरी है कि वे किसी भी ऑनलाइन गेम या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अजनबियों से अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर न करें और बिना सोचे-समझे किसी के बहकावे में आकर मिलने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं.  सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

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