2024 के लोकसभा चुनाव पर क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान आया सामने, किसे दिला रहा जीत?

रूपक प्रियदर्शी

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2024 के लोकसभा चुनाव पर क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान आया सामने
2024 के लोकसभा चुनाव पर क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच का अनुमान आया सामने
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Lok Sabha election 2024: हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बंपर जीत मिली है. इसके बाद फिच रेटिंग्स ने भारत को लेकर एक बड़ी पॉलिटिकल भविष्यवाणी की है. ये कोई ओपिनियन पोल या एग्जिट पोल नहीं है. देश के मूड-मिजाज का आकलन करते हुए फिच ने अनुमान लगाया है कि 2024 के चुनावों में मोदी सरकार के दोबारा जीतने की काफी हद तक संभावना है. इससे भारत में नीतियों को लेकर निरंतरता बने रहने की उम्मीद है. वैसे चुनाव में मिलने वाले बहुमत का आंकड़ा तय करेगा कि सरकार अपने एजेंडा पर कितनी महत्वाकांक्षी ढंग से आगे बढ़ पाती है.

क्या है फिच?

फिच इंटनेशनल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है जिसका मूल काम दुनिया के देशों की अर्थव्यवस्था पर नजर रखना है. एजेंसी अर्थव्यवस्थाओं की नब्ज टटोलकर उनकी रेटिंग देती है. क्रेडिट रेटिंग, किसी संस्था की साख और ऋण चुकाने की क्षमता का आकलन होता है. चुनाओं में कौन हारेगा, कौन जीतेगा, ऐसी पॉलिटिकल कमेंट्री एजेंसी का मूल काम में शामिल नहीं है. लेकिन अर्थव्यवस्था और राजनीति एक-दूसरे से जुड़े मामले हैं इसलिए फिच पॉलिटिकल नजरिये से भी देशों पर नजर रखती है.

भारत में बनी रहेगी राजनीतिक स्थिरता: फिच

अर्थव्यवस्था के हिसाब से फिच ने फिलहाल भारत की रेटिंग बीबीबी माइनस(bbb-) दी हुई है. इसका मतलब ये है कि फिच रेटिंग्स को लगता है कि भारत में फिलहाल स्थिरता रहेगी. फिच जिन देशों को रेटिंग देता है उसमें से आधे देशों में 2024 में संसदीय या राष्ट्रपति के चुनाव होंगे. एशियाई देशों में भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश में अगले साल चुनाव होने हैं.

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एक अन्य एजेंसी एमकी ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज का अनुमान है कि 2024 में बीजेपी की जीत वर्तमान सरकार की पॉलिसीज के बने रहने और लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत होंगे. विधानसभा चुनावों के नतीजे बीजेपी के लिए 2024 का मंच तैयार करने में मददगार साबित हुए हैं. नोमुरा का अनुमान है कि 2024 के चुनाव में बीजेपी क्लीन स्वीप करने की स्थिति में है. देश में बीजेपी और मोदी के लिए काफी समर्थन है. आम चुनाव के लिए शुरूआती सर्वे से भी इसकी पुष्टि हो रही है. विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत से बाजार की चिंताएं कम हुई हैं.

तीन राज्यों में मिली जीत ने बीजेपी को किया और मजबूत

जिन तीन राज्यों के चुनावों में बीजेपी जीतकर आई है उसकी उतनी संभावना नहीं थी. माना ये जा रहा था कि इन प्रदेशों में कांग्रेस का जलवा रहेगा लेकिन जीत बीजेपी को मिली. यही वजह है कि बीजेपी की जीत और बड़ी माना जा रहा है. फिच ही नहीं, दुनिया की कई रेटिंग और फाइनेंशियल एजेंसियों ने भी भारत की राजनीति पर अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की है. एजेंसियों ने चुनावों का अनुमान इस लिहाज से लगाया है कि अभी जो पॉलिसी चल रही है वो आगे बरकरार रह पाएगी या नहीं.

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राज्यों के चुनाव में बीजेपी की जीत से शेयर बाजार में भी उछाल आया और आगे के लिए उम्मीद भी बढ़ी कि 2024 का चुनाव बीजेपी निकाल लेगी. भारतीय शेयर बाजार चुनाव के नतीजे आने के बाद एशियाई देशों के शेयर बाजार के मुकाबले कम से कम 16 परसेंट बढ़ा है. ब्लूमबर्ग डेटा के मुताबिक विदेशी इन्वेस्टर्स ने भारत में पैसा लगाने में बढ़ोतरी की है. शेयर बाजार के टर्म के मुताबिक विदेशी इन्वेस्टर ‘लॉन्ग पोजिशन’ यानी लंबे वक्त को ध्यान में रखकर पैसे लगा रहे हैं.

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