जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें नहीं वहां ED के पास ज्यादा केस, आंकड़ों से समझें पूरी कहानी

संसद में सरकार से PMLA कानून के तहत ईडी के केस की डिटेल मांगी थी. सरकार ने 2016 से लेकर 2024 तक पिछले 8 साल का डेटा संसद पटल पर रख दिया. डेटा की कहानी ये है कि जैसे-जैसे राज्यों की राजनीतिक समीकरण बदला वैसे-वैसे ईडी के केस के नंबर बदलते रहे

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ED-CBI: संसद में सरकार का लिखित जवाब ऐसा दस्तावेज होता है जिसमें फैक्ट्स के साथ छेड़छाड़ नहीं होती. अगर सांसद ने पूछ लिया तो सरकार को चाहे-अनचाहे जानकारी देनी ही होती है. संसद में ऐसा ही एक सवाल ईडी जांच को लेकर सरकार से पूछा गया. जवाब में जो डेटा आया उससे ईडी-बीजेपी का कनेक्शन संयोग नहीं, प्रयोग लगता है.