यूपी बीजेपी में अब 50 फीसदी से ज्यादा OBC और दलित, तो क्या अखिलेश के PDA की काट है नया संगठन?

उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश संगठन टीम को 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. क्षेत्रीय अध्यक्षों, महामंत्रियों और अन्य पदों पर OBC नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने पिछड़ा वर्ग वोट बैंक पर अपना फोकस स्पष्ट कर दिया है. जानिए नई टीम में किस सामाजिक वर्ग को कितना प्रतिनिधित्व मिला.

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यूपी बीजेपी का सोशल इंजीनियरिंग वाला बड़ा दांव!
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न्यूज़ हाइलाइट्स

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2027 मिशन के लिए BJP का OBC मास्टरस्ट्रोक.

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नई टीम में साधा जातीय संतुलन. OBC को सबसे बड़ी हिस्सेदारी.

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पश्चिम-पूर्वांचल दोनों पर फोकस. 2027 से पहले सोशल इंजीनियरिंग का बड़ा संदेश.

उत्तर प्रदेश भाजपा की नई प्रदेश संगठन टीम केवल पदाधिकारियों की सूची नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की राजनीतिक रणनीति का संकेत मानी जा रही है. नई नियुक्तियों में सबसे बड़ा संदेश OBC प्रतिनिधित्व को लेकर है. क्षेत्रीय अध्यक्षों, महामंत्रियों और उपाध्यक्षों के चयन में पिछड़े वर्ग को प्रमुखता दी गई है. साथ ही दलित, जाट, ठाकुर, ब्राह्मण, गुर्जर, सैनी और अन्य प्रभावशाली सामाजिक समूहों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है. पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक पदों पर OBC और दलित प्रतिनिधित्व को देखें तो यह संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बैठती है.