दिव्यकीर्ति, अवध ओझा... कोचिंग हादसे पर अबतक बस ब्लेम-गेम, स्टूडेंट्स की इन डिमांड का क्या?

Delhi Coaching tragedy: विकास दिव्यकीर्ति ने इंटरव्यू में खुद को बली का बकरा बताया है. उन्होंने कहा कि, इस तरह के मामलों में हर किसी को बलि का बकरा चाहिए होता है. इससे प्रशासन के लिए चीजें आसान हो जाती हैं और उन्हें लगता है कि वो सुरक्षित हैं.

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Delhi Coaching tragedy: दिल्ली के कोचिंग हादसे ने देशभर को झकझोर कर रख दिया है. बेसमेंट में चल रही लाइब्रेरी में बरसाती पानी ऐसा भरा कि 3 स्टूडेंट्स IAS बनने का ख्वाब लिए हुए उसमें डूब गए. मुखर्जी नगर से लेकर राजेंद्र नगर तक फैले कोचिंग वालों के नेक्सस और अमानवीय स्थिति में इनमें पढ़ते स्टूडेंट्स और फिर ये हादसा, इन्हीं सब बातों को लेकर छात्र प्रोटेस्ट कर रहे हैं. युवाओं ने IAS कोचिंग इंडस्ट्री के विकास दिव्यकीर्ति, अवध ओझा जैसे सेलिब्रिटी टीचर्स को भी बोलने पर मजबूर कर दिया है. इस मामले में अब तक चाहे सत्ताधारी हों या कोचिंग संचालक, हर तरफ से सिर्फ ब्लेम-गेम ही देखने को मिला है. समझिए अरबों के इस धंधे का पीड़ित बनने वाले हमारे-आपके घरों के बच्चों की उस पीड़ा को जिसपर अबतक हुई सिर्फ राजनीति.