Shesh Bharat: YS शर्मिला की बेटी की शादी में जगन रेड्डी ने क्यों लगाया अड़ंगा? जानिए पूरा विवाद
वाईएस शर्मिला की बेटी अंजलि रेड्डी की 25 नवंबर को शादी होनी है. इसके लिए शर्मिला ने बेंगलुरु के येलहंका पैलेस को चुना, लेकिन जगन रेड्डी ने सुरक्षा और संपत्ति विवाद का हवाला देकर वहां शादी की अनुमति देने से इनकार कर दिया. उन्होंने हैदराबाद के लोटस पॉन्ड में शादी करने का विकल्प दिया है.
ADVERTISEMENT

# YS शर्मिला को अचानक जगन रेड्डी ने क्यों अपना घर ऑफर किया?
### बेटी की शादी के लिए शर्मिला ने जिस वेन्यू को चुना, उसमें घुसने नहीं दे रहे जगन!
### कौन हैं अंजलि रेड्डी, जिनकी बारात बुलाने में मां शर्मिला के साथ हो गया धोखा?
### वाईएसआर की मौत के बाद बदल गई आंध्र की राजनीति
2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर क्रैश में आंध्र प्रदेश के सीएम और कांग्रेस के दिग्गज नेता वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत हुई. उस एक हादसे ने न केवल स्थायी रूप से आंध्र की राजनीति को बदल दिया, बल्कि ताकतवर वाईएसआर परिवार की तकदीर भी बदल दी. वाईएसआर की मौत के बाद उनके बेटे वाईएस जगन मोहन रेड्डी अपने और परिवार के समर्थन के दम पर आंध्र प्रदेश की राजनीति के ऐसे नेता बने, जिन्होंने राजनीति का एक छोर संभाल रखा है.
कांग्रेस छोड़कर सीएम बने जगन, लेकिन परिवार में बढ़ी दूरियां
कांग्रेस छोड़कर शून्य से शुरुआत करके सीएम तक बने, लेकिन सत्ता के इस शिखर पर पहुंचने की कीमत परिवार के बिखरने से चुकानी पड़ी. सगे भाई-बहन जगन और शर्मिला के बीच कभी वाईएसआर की राजनीतिक विरासत की जंग थी ही नहीं, क्योंकि शर्मिला ने हमेशा जगन को ही नेता माना. यह पूरी जंग तो सिर्फ और सिर्फ अरबों की अकूत संपत्ति और जमीन के मालिकाना हक (Property Dispute) की है, जो आज घर की बेटी के मंडप तक आ पहुंची है.
भाई को सीएम बनाने के लिए पैदल चलीं, आज उसी के घर में एंट्री बंद
2009 में शुरू हुआ बिखराव आज 2026 में इस मोड़ पर आ गया है कि जो बहन कभी अपने भाई को मुख्यमंत्री बनाने के लिए 3,000 किलोमीटर पैदल चली थी, आज उसी भाई के दरवाजे उसकी बेटी की डोली उठने से पहले ही बंद हो चुके हैं. सियासत में रिश्ते बदलते देखे होंगे, लेकिन जायदाद के तराजू पर तौले जा रहे इन रिश्तों ने आज पूरे देश को चौंका दिया है.
वाईएसआर ने बनवाया था 20 एकड़ में आलीशान घर
जब वाईएसआर जिंदा थे, तब उन्होंने बेंगलुरु के येलहंका में 20 एकड़ का आलीशान घर बनवाया था. इस उम्मीद के साथ कि उनके जाने के बाद भी पूरा परिवार यहां एकजुट रहेगा. परिसर में दो जुड़वां बंगले बनाए गए. एक जगन के लिए और दूसरा बेटी शर्मिला के लिए. लेकिन वाईएसआर की अचानक हुई मौत ने वसीयत के पन्नों को अधूरा छोड़ दिया. कोई औपचारिक लिखित बंटवारा नहीं हो सका. उसी चूक ने जगन और शर्मिला की जंग को फिर से हवा दे दी है.
बेटी अंजलि रेड्डी की शादी के लिए चुना येलहंका पैलेस
वाईएस शर्मिला अपनी बेटी अंजलि रेड्डी की अमेरिका में रहने वाले सोमाला रघुरामी रेड्डी के साथ 25 नवंबर को धूमधाम से शादी कर रही हैं. शादी के निमंत्रण कार्ड बांटे जा रहे हैं. बड़े-बड़े मुख्यमंत्रियों, जैसे डीके शिवकुमार और ए. रेवंत रेड्डी तक भी निमंत्रण पहुंच गए. अंजलि की शादी के कार्ड पर वेन्यू येलहंका पैलेस छपवा दिया गया. इस घर में शर्मिला रहती नहीं हैं. उन्होंने सोचा होगा कि यह पिता का बनाया हुआ घर है, बेटी की शादी करने से उन्हें कौन रोकेगा. बस, यहीं गलती हो गई.
जगन ने सुरक्षा का हवाला देकर शादी की इजाजत देने से किया इनकार
जगन मोहन रेड्डी ने मां वाईएस विजयम्मा के जरिए साफ संदेश भिजवा दिया कि वह पैलेस में शादी की इजाजत नहीं दे रहे हैं. जगन ने इसके पीछे निजता, भारी सुरक्षा जोखिम और खुद वहां रहने का हवाला दिया है. कानूनी कारण यह बताया गया कि येलहंका पैलेस की संपत्ति उनकी सास के नाम पर है. संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर विवाद है. जगन को डर हो सकता है कि अगर शर्मिला को यहां इतना बड़ा कार्यक्रम करने दिया गया, तो कोर्ट में चल रहे संपत्ति विवाद में शर्मिला का कब्जे का दावा मजबूत हो सकता है. हालांकि, जगन ने यह भी कहा कि अगर उनकी बेटियों हर्षा या वर्षा की शादी भी होती, तो भी वह सुरक्षा कारणों से यही फैसला लेते.
शादी के कार्ड बंटने के बाद जगन ने दिया दूसरा घर
यह सब तब हुआ है, जब शादी के कार्ड बंट चुके हैं और उनमें वेन्यू बेंगलुरु का येलहंका पैलेस छपा है. जगन मोहन रेड्डी ने मां के जरिए बहन शर्मिला के सामने एक समझौता भी रखा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह बेंगलुरु का पैलेस नहीं दे सकते, लेकिन हैदराबाद में लोटस पॉन्ड (Lotus Pond) प्रॉपर्टी शादी के लिए देने को तैयार हैं और यह ऑफर खुला है.
लेकिन पेंच यह है कि शादी के कार्ड येलहंका के पते के साथ बांटे जा चुके हैं, जिससे शर्मिला के सामने बड़ी असहज स्थिति पैदा हो गई है. चर्चा है कि शर्मिला भाई के सामने झुकने के डर से लोटस पॉन्ड के ऑफर को ठुकरा सकती हैं. चूंकि मुख्यमंत्रियों और वीवीआईपी मेहमानों को न्योता जा चुका है, इसलिए शर्मिला अब बेंगलुरु या हैदराबाद के बाहरी इलाकों में किसी बड़े लग्जरी कन्वेंशन सेंटर या फाइव-स्टार होटल के रूप में एक वैकल्पिक हाई-सिक्योरिटी वेन्यू की तलाश कर रही हैं.
क्या जगन को बेटी की शादी का न्योता मिला है?
रिश्तों की इस कड़वाहट के बीच एक बड़ा सवाल यह था कि क्या जगन को शादी में बुलाया गया है? यह साफ नहीं है, क्योंकि कम से कम मीडिया के सामने तो ऐसा कुछ नहीं हुआ. भाई-बहन के बीच विवाद आज का नहीं है, लेकिन जब 2024 में शर्मिला के बेटे राजा रेड्डी की सगाई हुई थी, तब शर्मिला खुद भाई जगन के घर पर बेटे की सगाई का न्योता देने गई थीं. उस समय जगन अपनी पत्नी भारती रेड्डी के साथ सगाई समारोह में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने मां विजयम्मा को गले लगाया था और शर्मिला को बधाई दी थी.
लेकिन यह मिठास केवल सगाई तक रही. सगाई के तुरंत बाद जब शर्मिला ने आंध्र प्रदेश कांग्रेस (APCC) की कमान संभालकर जगन पर सीधे राजनीतिक हमले शुरू किए, तो भाई-बहन के रिश्ते पूरी तरह टूट गए. नतीजा यह हुआ कि जब राजस्थान के उदयपुर में राजा रेड्डी की शादी (Destination Wedding) हुई, तब जगन और भारती ने उससे पूरी तरह दूरी बना ली.
वाईएसआर के बनाए घर की मालकिन कैसे बनीं जगन की सास?
सवाल उठता है कि जो संपत्ति वाईएसआर ने अपने बच्चों और पत्नी विजयम्मा के रहते बनवाई थी, वह जगन की पत्नी भारती रेड्डी की मां सुगुणा रेड्डी के नाम कैसे हो गई? इसकी कहानी यह है कि परिवार में आज बिखराव है, लेकिन 20 साल पहले ऐसा नहीं था. जब संपत्ति बनवाई जा रही थी, तब जमीन और निर्माण का कागजों पर पंजीकरण जगन के ससुराल पक्ष के नाम पर कराया गया था. वाईएसआर की अचानक मौत के बाद, जो संपत्ति कागजों पर जिसके नाम थी, वह उसी की कानूनी संपत्ति बन गई. आज यही कागजी हकीकत शर्मिला के लिए सबसे बड़ा कांटा बन चुकी है. न पिता की बनाई संपत्ति उनके हाथ में आई, न वह शादी में उसका इस्तेमाल कर पा रही हैं.
सरस्वती पावर के शेयरों से शुरू हुई संपत्ति की जंग
पारिवारिक जंग की असली बुनियाद सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज (Saraswati Power) जैसी कंपनियों के शेयरों और संपत्तियों का विवाद है, जो पिछले 5 साल से दोनों के बीच सुलग रहा है और NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) के अधीन है.
मां विजयम्मा ने भी इस लड़ाई में बेटी शर्मिला का साथ देते हुए एक हलफनामा दिया है कि वाईएसआर की सभी संपत्तियां चारों नाती-पोतों में बराबर बंटनी चाहिए थीं. साल 2019 में दोनों भाई-बहन के बीच एक समझौता (MoU) भी हुआ था, जिसके तहत जगन ने प्यार और स्नेह में कुछ शेयर शर्मिला को देने का वादा किया था.
लेकिन बाद में जगन ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों (CBI/ED) के मामले लंबित होने के बावजूद शर्मिला ने धोखे से शेयर अपने नाम ट्रांसफर करवा लिए और उनके खिलाफ राजनीतिक हमले शुरू कर दिए. इसके बाद कोर्ट में जगन ने साफ कहा कि अब भाई-बहन के रिश्ते में 'कोई प्यार नहीं बचा'.
CJP का कभी समर्थन नहीं करूंगा, अन्नामलाई ने साफ किया स्टैंड, मोदी सरकार पर भी उठाए सवाल
