पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी: 4 और 5 नवंबर को होंगे रोमांचक मुकाबले
मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रयासों से पंजाब को मिली एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी. 4 और 5 नवंबर को मोहाली में होंगे सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले, एंट्री पूरी तरह मुफ्त.
ADVERTISEMENT

पंजाब को पहली बार प्रतिष्ठित एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी (Asian Hockey Championship Trophy) की मेजबानी का ऐतिहासिक अवसर मिला है. मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन होगा और युवाओं में खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा.
इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट के लीग मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे. इसके बाद, टूर्नामेंट के रोमांचक सेमीफाइनल, फाइनल और तीसरे स्थान के मैच 4 और 5 नवंबर को मोहाली में आयोजित किए जाएंगे. इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया की छह शीर्ष टीमें- भारत, बांग्लादेश, जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया- खिताबी जंग के लिए आमने-सामने होंगी.
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्रांति के शानदार नतीजे
राज्य सरकार ने खेल के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर लाने के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. इसमें से 16 करोड़ रुपये जालंधर स्टेडियमों के आधुनिकीकरण और लगभग 8.90 करोड़ रुपये मोहाली के स्टेडियमों के विकास पर खर्च किए जा रहे हैं.
मेयर सरबजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में शुरू की गई 'खेल क्रांति' के अब सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. पंजाब सरकार अब तक लगभग 40,000 खिलाड़ियों को करीब 135 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि वितरित कर चुकी है. इसके अलावा, राज्यभर में नए स्टेडियमों का जाल बिछाया जा रहा है, जिसमें अकेले मोहाली में ही लगभग 32 नए स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं.
दर्शकों के लिए एंट्री पूरी तरह मुफ्त
स्थानीय प्रशासन ने खेल प्रेमियों के लिए एक बेहतरीन सौगात दी है. टूर्नामेंट के दौरान स्टेडियम में दर्शकों का प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क (Free Entry) रहेगा. मेयर ने सभी पंजाबियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाएं और बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करें.
