पंजाब में CM फेस की पहली पसंद कौन? सीटों से लेकर वोट शेयर तक, SCORE Intelligence के सर्वे में आए चौंकाने वाले आंकड़े
SCORE Intelligence के सर्वे में भगवंत मान को पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए 39.36 फीसदी लोगों ने पसंद किया. कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी को 15.61 फीसदी समर्थन मिला. सर्वे में AAP को 69-82 सीटें मिलने का अनुमान है. नशा, बेरोजगारी और विधायकों के कामकाज पर भी लोगों की राय ली गई है.
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पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज होने लगी है. आम आदमी पार्टी (AAP) की नजर सत्ता में वापसी पर है, जबकि कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल भी चुनाव की तैयारी में जुटे हैं. इस बीच मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर भी लोगों की पसंद जानने की कोशिश की गई है. सवाल है कि पंजाब के लोग अगले मुख्यमंत्री के तौर पर भगवंत मान को देखना चाहते हैं या किसी दूसरे नेता को मौका देना चाहते हैं?
SCORE Intelligence के ताजा ओपिनियन पोल में इस सवाल के जवाब के साथ सीटों और वोट शेयर का अनुमान भी सामने आया है. सर्वे में मुख्यमंत्री पद के लिए भगवंत मान को 39.36 फीसदी लोगों ने पसंद किया. कांग्रेस के चरणजीत सिंह चन्नी 15.61 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर रहे. वहीं, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल को 10.42 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया. सर्वे में सरकार के कामकाज, विधायकों के प्रदर्शन और जनता की समस्याओं को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं.
पंजाब में CM फेस कौन? भगवंत मान, चन्नी और बादल को कितना समर्थन
सर्वे के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद के लिए भगवंत मान को 39.36 फीसदी लोगों का समर्थन मिला. चरणजीत सिंह चन्नी को 15.61 फीसदी और सुखबीर सिंह बादल को 10.42 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया. वहीं, अमृतपाल सिंह को 6.84 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए चुना. अन्य नेताओं में कैप्टन अमरिंदर सिंह को 1.65 फीसदी, बीजेपी के सुनील जाखड़ को 0.75 फीसदी, कांग्रेस के राजा वड़िंग को 0.39 फीसदी और प्रताप सिंह बाजवा को 0.29 फीसदी लोगों ने पसंद किया. इसके अलावा 9.77 फीसदी लोगों ने अन्य चेहरों का विकल्प चुना.
किस पार्टी को कितनी सीटें मिलने का अनुमान?
मुख्यमंत्री पद की पसंद के बाद सर्वे में विधानसभा सीटों को लेकर भी अनुमान दिया गया है. पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं और बहुमत के लिए 59 सीटों की जरूरत है. सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी को 69 से 82 सीटें मिलने का अनुमान है. कांग्रेस को 17 से 34 सीटें मिल सकती हैं. बीजेपी के खाते में 4 से 12 सीटें आने की संभावना जताई गई है. वहीं, शिरोमणि अकाली दल और वारिस पंजाब दे को 2 से 6 सीटें मिलने का अनुमान है. अन्य के खाते में एक सीट का अनुमान है, जबकि 6 सीटों पर बराबरी की स्थिति बताई गई है.
AAP का वोट शेयर घटने का अनुमान, BJP और कांग्रेस को कितना फायदा?
सर्वे में 2022 के विधानसभा चुनाव के वोट शेयर की तुलना मौजूदा अनुमान से भी की गई है. इसके मुताबिक, आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 42.01 फीसदी से घटकर 38 फीसदी रहने का अनुमान है. कांग्रेस का वोट शेयर 22.98 फीसदी से बढ़कर 24 फीसदी हो सकता है. बीजेपी के वोट शेयर में बढ़ोतरी का अनुमान है. 2022 में पार्टी को 6.60 फीसदी वोट मिले थे, जबकि सर्वे में यह आंकड़ा 14 फीसदी बताया गया है. दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल का वोट शेयर 18.38 फीसदी से घटकर 12.50 फीसदी रहने का अनुमान है.
सर्वे में वारिस पंजाब दे का वोट शेयर 8.50 फीसदी रहने की बात कही गई है. 2022 के आंकड़ों में इसका वोट शेयर शून्य फीसदी था. बहुजन समाज पार्टी (BSP) का वोट शेयर 1.77 फीसदी से घटकर 1 फीसदी और अन्य का वोट शेयर 8.26 फीसदी से घटकर 2 फीसदी रहने का अनुमान है.
नशा और बेरोजगारी से लेकर सड़कों तक, जनता ने क्या बताया?
सर्वे में सरकार की सबसे बड़ी नाकामी को लेकर भी लोगों से सवाल पूछे गए. इसमें 22.22 फीसदी लोगों ने नशे की समस्या को सरकार की सबसे बड़ी नाकामी बताया. इसके बाद 16.63 फीसदी लोगों ने सड़कों से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया. बेरोजगारी और नौकरियों को 9.98 फीसदी लोगों ने प्रमुख मुद्दा बताया. वहीं, पानी की समस्या को 7.20 फीसदी, बिजली को 6.34 फीसदी और महंगाई को 6.04 फीसदी लोगों ने सरकार की नाकामी माना. इसके अलावा 5.58 फीसदी लोगों ने जल निकासी और सफाई, 4.50 फीसदी ने कानून-व्यवस्था और अपराध तथा 3.05 फीसदी ने विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया. राशन से जुड़ी समस्याओं को 2.35 फीसदी लोगों ने प्रमुख माना.
अपने विधायक के काम से कितने लोग खुश?
सर्वे में स्थानीय विधायकों के कामकाज पर भी लोगों की राय ली गई. इसमें 48.07 फीसदी लोगों ने अपने विधायक के काम से संतुष्टि जताई. वहीं, 35.14 फीसदी लोग असंतुष्ट रहे. 9.82 फीसदी लोगों ने विधायक के काम को औसत बताया, जबकि 6.98 फीसदी ने कोई राय नहीं दी. अपने विधायक को जानने के सवाल पर 72.8 फीसदी लोगों ने 'हां' और 27.2 फीसदी ने 'नहीं' में जवाब दिया. वहीं, जब पूछा गया कि क्या वे मौजूदा विधायक को दोबारा चुनना चाहेंगे, तो 42.6 फीसदी लोगों ने हां कहा. 39.7 फीसदी ने दोबारा चुनने से इनकार किया, जबकि 18.6 फीसदी लोग फैसला नहीं कर पाए.
कब हुआ सर्वे, कितने लोगों की राय ली गई?
SCORE Intelligence के मुताबिक, यह सर्वे 13 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 के बीच किया गया. इसमें कुल 28,347 लोगों की राय ली गई. सर्वे में मुख्यमंत्री पद की पसंद, संभावित सीटें, वोट शेयर, सरकार के कामकाज और विधायकों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल शामिल थे.
ध्यान देने वाली बात है कि ये आंकड़े सर्वे में शामिल लोगों की राय पर आधारित हैं. इन्हें पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के अंतिम नतीजे नहीं माना जा सकता. चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियों और मतदाताओं की पसंद में बदलाव हो सकता है.
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