कोटा अस्पताल में फिर प्रसूता की मौत! स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, फिर क्यों चली गई रोशन बाई की जान?
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 30 वर्षीय रोशन बाई की मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक, सिजेरियन प्रसव के बाद उनके पेट में खून के थक्के जम गए थे. दूसरी सर्जरी के बाद उन्हें होश नहीं आया. अस्पताल प्रशासन ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है.
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राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत हो गई है. मृतका की पहचान 30 वर्षीय रोशन बाई के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक, सिजेरियन प्रसव के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. पेट में खून के थक्के जमने और असहनीय दर्द की शिकायत के बाद दूसरी सर्जरी भी की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. इससे पहले इसी अस्पताल में प्रसूता रेशमा की मौत का मामला सामने आया था.
सिजेरियन से हुआ प्रसव, कुछ देर बाद शुरू हुआ दर्द
रोशन बाई मूल रूप से बारां जिले के माल बंबोरी गांव की रहने वाली थीं. उनका परिवार कोटा के प्रेमनगर में रहता था. उनके पति महेंद्र बैरवा कोटा में आरसीसी का काम करते हैं. रोशन को अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था. रात करीब 1:15 बजे उनका सिजेरियन प्रसव हुआ. उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. इसके बाद रात करीब 2 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया. परिजनों के अनुसार, प्रसव के कुछ समय बाद ही रोशन को तेज दर्द होने लगा. उन्होंने नर्सिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन उनका आरोप है कि शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया. स्टाफ ने इंजेक्शन लगाया और वहां से चला गया.
पेट में जमा हुए खून के बड़े थक्के
परिजनों ने बताया कि रोशन को बाहर से ब्लीडिंग नहीं हो रही थी, लेकिन पेट के अंदर खून के थक्के बन रहे थे. सुबह करीब 6 बजे उनका यूरिन आना बंद हो गया. इसके साथ ही पेट तेजी से फूलने लगा. शिकायत के बाद डॉक्टर ने कैथेटर निकालकर अंदर जमा खून साफ किया. इस दौरान करीब 100 से 150 ग्राम के बड़े खून के थक्के निकाले गए.
परिजनों का कहना है कि इसके बाद रोशन को तेज घबराहट होने लगी. उनका शरीर पसीने से भीग गया था. उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें कूलर चलाने की सलाह दी गई.
दूसरी सर्जरी के बाद नहीं आया होश
करीब आधे घंटे बाद रोशन को दोबारा आईसीयू में ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने बच्चेदानी निकालने के लिए दूसरी सर्जरी करने की बात कही. इसके लिए परिजनों से कागजों पर हस्ताक्षर भी करवाए गए.परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 10 से 11 बजे के बीच रोशन को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया. इसके बाद उन्हें दोबारा होश नहीं आया. शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई.
अस्पताल अधीक्षक ने क्या बताया?
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोशन बाई हाई रिस्क श्रेणी की मरीज थीं. डॉक्टरों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें बचाने के पूरे प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली. अधीक्षक ने बताया कि मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गई है. रिपोर्ट के आधार पर घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी सामने आएगी.
दूसरी प्रसूता अनिता बैरवा की हालत भी गंभीर
अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता अनिता बैरवा की हालत भी नाजुक बनी हुई है. किडनी फेल्योर जैसी स्थिति के कारण उन्हें एसएसबी में शिफ्ट किया गया था. फिलहाल वह नेफ्रोलॉजी विभाग के अधीन आईसीयू में भर्ती हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक, शुक्रवार की तुलना में शनिवार को अनिता की प्लेटलेट्स और दूसरे पैरामीटर में कुछ सुधार हुआ है. हालांकि, उनकी किडनी की स्थिति अब भी ठीक नहीं है. दिनभर में करीब 100 एमएल यूरिन आउटपुट दर्ज किया गया, जिसे संतोषजनक नहीं माना गया.
रेशमा के शव का मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम
इससे पहले प्रसूता रेशमा के शव का शनिवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया. बोर्ड में मेडिसिन, फोरेंसिक और गायनी विभाग के डॉक्टर शामिल थे. महावीर नगर सीआई हरेंद्र सौदा के अनुसार, रेशमा के पति की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज किया गया है. पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
