श्रीगंगानगर : खुली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा कैदी दीक्षांत 5 दिन थाईलैंड घूम आया, कागजों में लगती रही हाजिरी
Deshhant Kamra Case: राजस्थान के श्रीगंगानगर की नरसिंहपुरा खुली जेल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां दुष्यंत हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी जेल प्रशासन को चकमा देकर 5 दिन थाईलैंड घूम आया और कागजों में उसकी हाजिरी लगती रही. हाल ही में उसे अफीम तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
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Rajasthan Open Jail Prisoner Thailand Trip: जेल का नाम सुनते ही ऊंची दीवारें, लोहे की सलाखें और कड़े पहरे की तस्वीर सामने आती है, लेकिन राजस्थान की एक खुली जेल से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी बिना किसी को भनक लगे 5 दिन तक थाईलैंड घूम आया. हैरानी की बात यह है कि जब वह विदेश में छुट्टियां मना रहा था, तब जेल के रिकॉर्ड में उसकी हाजिरी लगातार लगती रही.
9 से 13 अक्टूबर तक थाईलैंड में रहा कैदी
यह मामला श्रीगंगानगर जिले की नरसिंहपुरा बारानी खुली जेल का है. मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस की जांच के मुताबिक, जयपुर के चर्चित दुष्यंत हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा दीक्षांत कामरा इस जेल में बंद था. आरोप है कि वह 9 अक्टूबर से 13 अक्टूबर के बीच बिना जेल प्रशासन को जानकारी दिए थाईलैंड चला गया. वहां 5 दिन बिताने के बाद वह वापस भारत लौट आया. इस दौरान जेल के रिकॉर्ड में उसकी मौजूदगी दर्ज होती रही और प्रशासन को उसके विदेश जाने की भनक तक नहीं लगी.
अफीम के साथ गिरफ्तारी हुई तो खुला थाईलैंड जाने का राज
दीक्षांत कामरा के थाईलैंड जाने का मामला तब सामने आया, जब जवाहरनगर थाना पुलिस ने 3 नवंबर को गश्त के दौरान उसे गिरफ्तार किया. दरअसल, पुलिस ने उसे एक लग्जरी कार (Elantra) से 40 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था. इसके बाद जब पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटाई और रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि वह उम्रकैद की सजा काट रहा है और श्रीगंगानगर की खुली जेल में रह रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि उसका पासपोर्ट पदमपुर के पते पर बना हुआ है.
पहले भी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है दीक्षांत
पुलिस पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि खुली जेल में रहने के दौरान दीक्षांत कथित तौर पर अफीम तस्करी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था. इससे पहले जनवरी 2026 में भी उसे शांति भंग के आरोप में पकड़ा गया था. उस समय भी उसने पुलिस को अपनी उम्रकैद की सजा के बारे में जानकारी नहीं दी थी.
लेडी डॉन प्रिया सेठ के साथ मिलकर किया था दुष्यंत का कत्ल
दीक्षांत कामरा का नाम साल 2018 के चर्चित दुष्यंत हत्याकांड में सामने आया था. उसने कथित तौर पर लेडी डॉन प्रिया सेठ के साथ मिलकर जयपुर के झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत का अपहरण किया था. फिरौती की रकम मिलने के बाद दुष्यंत की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद शव को एक अटैची में भरकर आमेर में फेंक दिया गया था. इस मामले में अदालत ने साल 2023 में दीक्षांत को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.
खुली जेल की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
खुली जेलों का मकसद सजा काट रहे कैदियों को सुधार का मौका देना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना होता है. लेकिन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदी का कथित तौर पर बिना अनुमति विदेश चले जाना और रिकॉर्ड में उसकी हाजिरी लगते रहना कई गंभीर सवाल खड़े करता है. फिलहाल दीक्षांत कामरा को केंद्रीय कारागृह भेज दिया गया है. साथ ही जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की ओर से कहां लापरवाही हुई और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार है.
