Ritu Barala Case: Ritu Barala Case: FIR दर्ज नहीं होने पर 42 घंटे बाद खत्म हुआ कांग्रेस का धरना, पुलिस के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस

Ritu Barala Case: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में पिछले 42 घंटे से चल रहा कांग्रेस का धरना आखिरकार खत्म हो गया है. पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के लिखित जवाब के बाद पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस नेताओं ने धरना समाप्त कर दिया है, लेकिन अब इस मामले को लेकर कानूनी जंग कोर्ट तक लड़ने का ऐलान किया गया है.

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जयपुर में कांग्रेस का धरना खत्म
जयपुर में कांग्रेस का धरना खत्म
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Ritu Barala Case: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर चल रहा कांग्रेस का धरना आखिरकार समाप्त हो गया है. कांग्रेस नेता और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पिछले तीन दिनों से दिन-रात कमिश्नरेट के अंदर डटे हुए थे. सोमवार शाम से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन करीब 42 घंटे तक चला. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने से मुलाकात की और एक लिखित पत्र सौंपा. इस पत्र में पूछा कि इस मामले में जीरो FIR क्यों नहीं दर्ज कर सकती है. कमिश्नर का यह जवाब मिलने के बाद कांग्रेस नेताओं ने धरना खत्म करने का फैसला किया और बाहर आ गए. बाहर आते ही कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसे पीसीसी चीफ ने रोकते हुए केवल राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाने को कहा.

अब न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे-रितु बराला

NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला ने मीडिया के सामने आकर तीखा गुस्सा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और पुलिस की कार्यशैली से साफ है कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है. रितु बराला ने बताया कि उन्होंने दिल्ली और जयपुर के मोतीडूंगरी थाने में भी परिवाद दिया था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही कानून के तहत केरल में इस मामले पर FIR दर्ज हो सकती है, तो राजस्थान और दिल्ली में क्यों नहीं? बराला ने दो टूक कहा कि पुलिस ने लिखित में FIR देने से मना कर दिया है, इसलिए वे पीछे नहीं हटेंगी और अब न्याय पाने के लिए अदालत का रुख करेंगी.

गोविंद सिंह डोटासरा का बड़ा हमला

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पुलिस के फैसले और सरकार की नीतियों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि देश में दो तरह के कानून चलाए जा रहे हैं, जहां एक ही प्रावधान के तहत केरल में FIR दर्ज हो जाती है, लेकिन राजस्थान में उसे खारिज कर दिया जाता है. डोटासरा ने आरोप लगाया कि ऊपर से मिले इशारे के कारण पुलिस कार्रवाई करने से डर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि नियम के विरुद्ध लिखित में देने वाले अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा. कांग्रेस पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी और पीड़िता को हर हाल में न्याय दिलाकर रहेगी.

जानिए क्या है पूरा मामला?

दिल्ली में NSUI नेता रितु बराला के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ था. इस घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने FIR दर्ज कराने की मांग उठाई, जिसके बाद राजस्थान के तमाम कांग्रेसी नेता सड़कों पर उतर आए. सोमवार को रितु बराला ने मोतीडूंगरी थाने में परिवाद देकर कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद गोविंद सिंह डोटासरा समर्थकों के साथ जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए और मुख्यालय के बाहर डेरा डाल दिया. धरने के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसमें लाठीचार्ज और एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारने जैसी घटनाएं भी सामने आईं. अब पुलिस कमिश्नर के लिखित इंकार के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ चुका है और कांग्रेस ने कोर्ट में लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिया है.

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