मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में से एक हैं. वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के वरिष्ठ नेता हैं और कर्नाटक से राज्यसभा के सदस्य हैं. खड़गे केंद्र सरकार में रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. वह लंबे समय तक कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहे और लोकसभा में भी कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया.

मल्लिकार्जुन खड़गे का पूरा नाम मपन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कर्नाटक की विधानसभा से की थी. इसके बाद वह लगातार कई चुनाव जीतकर राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाने में सफल रहे. वर्ष 2009 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और गुलबर्गा से सांसद बने.

खड़गे वर्ष 2014 से 2019 के बीच लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता रहे. इसके बाद उन्होंने राज्यसभा की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. 12 जून 2020 को वह कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए. फरवरी 2021 में उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने खड़गे

मल्लिकार्जुन खड़गे 18 अक्टूबर 2022 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने. अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 17 अक्टूबर को मतदान हुआ था. इस चुनाव में खड़गे को 7,897 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी शशि थरूर को 1,072 वोट मिले.

खड़गे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के साथ करीब 24 साल बाद पार्टी को गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिला. इससे पहले सीताराम केसरी कांग्रेस के गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे.

मल्लिकार्जुन खड़गे का जन्म 21 जुलाई 1942 को कर्नाटक के बीदर जिले के वरावट्टी में हुआ था. उनके पिता का नाम मपन्ना खड़गे और माता का नाम सबव्वा था. उन्होंने 13 मई 1968 को राधाबाई से विवाह किया. उनके परिवार में दो बेटियां और तीन बेटे हैं. वर्ष 2006 में खड़गे ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह बौद्ध धर्म का पालन करते हैं. खड़गे ने अपनी शुरुआती शिक्षा गुलबर्गा के नूतन विद्यालय से पूरी की. इसके बाद उन्होंने गुलबर्गा के सरकारी कॉलेज से कला में स्नातक की डिग्री हासिल की.

बाद में उन्होंने गुलबर्गा के सेठ शंकरलाल लाहोटी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की. शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की और धीरे-धीरे कर्नाटक की राजनीति में अपनी जगह बनाई.

मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक सफर

मल्लिकार्जुन खड़गे ने वर्ष 1972 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से चुनावी राजनीति में कदम रखा. उन्होंने गुरमीतकल विधानसभा सीट से चुनाव जीता. इसके बाद उन्होंने लगातार कई विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की. वह 1972, 1978, 1983, 1985, 1989, 1994, 1999, 2004 और 2008 में विधानसभा चुनाव जीतते रहे. इस लंबे राजनीतिक सफर ने उन्हें कर्नाटक के प्रमुख कांग्रेस नेताओं में शामिल कर दिया.

वर्ष 2005 में उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया. इसके बाद 2009 में उन्होंने लोकसभा चुनाव जीता और गुलबर्गा से सांसद बने. वर्ष 2014 से 2019 तक वह लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता रहे.

मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. वह भारत सरकार में रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री रह चुके हैं. केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता

12 जून 2020 को मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए. इसके बाद फरवरी 2021 में उन्हें राज्यसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया. इस भूमिका में वह संसद में विपक्ष की ओर से प्रमुख आवाज के तौर पर सक्रिय रहे.

कई दशकों के लंबे राजनीतिक करियर के कारण मल्लिकार्जुन खड़गे की पहचान कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में होती है. कर्नाटक की विधानसभा से शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर लोकसभा, केंद्रीय मंत्रिमंडल और फिर राज्यसभा में विपक्ष के नेता के पद तक पहुंचा. वर्ष 2022 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई.

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