Profile

दिग्गज ओबीसी नेता शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट को राजनीति विरासत में मिली. 1999 में राबड़ी देवी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बनने से शुरू हुआ उनका सफर आरजेडी और जेडीयू होते हुए 2017 में भाजपा तक पहुंचा. जीतन राम मांझी के संकट के समय उनके साथ खड़े रहकर सम्राट ने अपनी वफादारी और राजनीतिक सूझबूझ का परिचय दिया था. 

भाजपा ने सम्राट को नीतीश कुमार के 'लव-कुश' (कुर्मी-कुशवाहा) वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए तैयार किया. 2022 में नीतीश कुमार के पाला बदलने पर सम्राट ने संकल्प लिया था कि जब तक उन्हें सत्ता से नहीं हटाएंगे, 'मुरेठा' (पगड़ी) नहीं खोलेंगे. 

डिप्टी सीएम और गृह मंत्री के तौर पर उनके प्रशासनिक अनुभव और 2025 चुनावों में एनडीए की प्रचंड जीत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का स्वाभाविक दावेदार बना दिया. 

प्रमुख उपलब्धियां

  • 2024: बिहार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री बने.
  • 2025: बिहार के पहले भाजपाई गृह मंत्री के रूप में कार्य किया.
  • मुरेठा संकल्प: नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने का ऐतिहासिक प्रण पूरा किया. 
  • अब नए युग की शुरूआत: सम्राट चौधरी अब बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बनकर एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत कर रहे हैं. 

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