बनारस जानें पर जरूर करें काल भैरव कोतवाल के दर्शन, वर्ना नहीं पूरे होंगे कोई काम

ऐसी मान्यता है कि वाराणसी में रहने के लिए पहले बाबा काल भैरव की इजाजत लेनी होती है. वे इस पवित्र शहर के प्रशासक हैं, इसलिए उन्हें "काशी का कोतवाल" कहा जाता है.

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वाराणसी, मोक्ष की नगरी, जहां गंगा आरती की भव्यता, गलियों का रहस्य और प्राचीन मंदिरों का समागम आत्मा को छू लेता है. इस पवित्र शहर में यात्रा का शुभारंभ काल भैरव मंदिर में हाजिरी लगाने से होता है, जो भगवान शिव के भयंकर रूप का प्रतीक है. आइए जानते हैं काल भैरव के दर्शन के बिना क्यों सफल नहीं माने जाते हैं बाबा के दर्शन.