कौन हैं विकास यादव, जिन्हें सामने लाकर अखिलेश यादव ने इलेक्शन कमीशन पर फिर उठाए सवाल?

अखिलेश यादव ने विकास यादव को मंच पर पेश कर दावा किया कि उनके नाम पर वोटर लिस्ट में कथित तौर पर 10 एंट्री दर्ज हैं. इस मामले के आधार पर सपा प्रमुख ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं.

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Akhilesh Yadav- Vikas Yadav
Akhilesh Yadav- Vikas Yadav
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया को लेकर घमासान मच गया है. समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक नया सियासी दांव चलते हुए विकास यादव नाम के शख्स को मंच पर सबके सामने पेश किया. इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

विकास यादव को मंच पर लाकर क्या बोले अखिलेश?

अखिलेश यादव ने प्रेस और जनता के सामने विकास यादव को खड़ा करते हुए दावा किया कि मतदाता सूची में किस तरह से धांधली हो रही है. सपा प्रमुख का आरोप है कि विकास यादव के नाम पर अलग-अलग जगहों पर करीब 10 वोट दर्ज हैं. उन्होंने इस मामले के जरिए चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को आड़े हाथ लिया है. उनका कहना है कि इस तरह की विसंगतियां चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं.

क्या 2027 से पहले बड़ा सियासी मुद्दा बनेगा एसआईआर (SIR) और वोटर लिस्ट?

उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर (SIR) और वोटर लिस्ट संशोधन का यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है. विपक्षी दल लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है, जो चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकती है. अखिलेश यादव द्वारा इस तरह के मामलों को सीधे जनता के बीच लाना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की सियासत में और अधिक गरमाने वाला है.

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