गाजियाबाद के हरीश राणा को इच्छा मृत्यु की परमिशन देते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज विश्वनाथन ने पढ़ा था ये श्लोक, जानिए क्या है इसका मतलब
Harish Rana Ichchha Mrityu Case: गाजियाबाद के 31 वर्षीय हरीश राणा को सुप्रीम कोर्ट से पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति मिलने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. सुनवाई के दौरान जस्टिस विश्वनाथन ने एक संस्कृत श्लोक पढ़कर परिवार के दर्द को बयान किया. जानिए क्या था वह श्लोक और उसका गहरा अर्थ.
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Harish Rana Ghaziabad case
Harish Rana Ghaziabad case: गाजियाबाद के रहने वाले 31 वर्षीय हरीश राणा को आखिरकार लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छा मृत्यु की अनुमति मिल गई है. कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ये सुनिश्चित किया जाए कि डिग्निटी यानी सम्मानजनक तरीके से इस प्रक्रिया को पूरा किया जाए. इस दौरान ये आदेश देते हुए जस्टिस विश्वनाथन ने एक संस्कृत का श्लोक पढ़ा था. ऐसे में चलिए जानते हैं कि कौन सा था वो श्लोक और क्या इसका अर्थ...