सपा में एंट्री और मिनटों में टिकट! जानिए कौन हैं कीर्ति कश्यप, जिन्होंने भाजपा खेमे में मचाई हलचल

Kirti Kashyap News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में कीर्ति कश्यप की एंट्री ने नई चर्चा छेड़ दी है. बीजेपी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. पार्टी में शामिल होने के कुछ ही मिनटों बाद अखिलेश यादव ने कीर्ति कश्यप को बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया. जानिए पूरी कहानी.

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Kirti Kashyap Biography
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उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव ने एक बड़ा सियासी दांव चल दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेता और आंवला सीट से दो बार के पूर्व सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप अपनी बेटी कीर्ति कश्यप के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं. खास बात यह है कि पार्टी ज्वाइन करने के कुछ ही मिनटों के भीतर अखिलेश यादव ने कीर्ति कश्यप को बरेली की बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से पार्टी का प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

कौन हैं कीर्ति कश्यप और क्या है उनका राजनीतिक बैकग्राउंड?

कीर्ति कश्यप कोई नया नाम नहीं है. वह बीजेपी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप की बेटी हैं और रुहेलखंड व बरेली क्षेत्र के कश्यप व पिछड़े समाज में उनके परिवार का अच्छा-खासा दबदबा माना जाता है. कीर्ति कश्यप अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए लंबे समय से आंवला और बदायूं क्षेत्र में जनता दर्शन, जनसमस्या निवारण कार्यक्रम और 'नारी शक्ति संगम' जैसे अभियानों के जरिए सक्रिय रही हैं. ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को जागरूक करने और लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के कार्यों से उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है.

'जहां सम्मान नहीं, वहां रहना नहीं' - कीर्ति कश्यप

पार्टी बदलने के पीछे की वजह बताते हुए कीर्ति कश्यप ने कहा कि राजनीति में सम्मान सबसे ऊपर है और 'जहां सम्मान नहीं, वहां रहना नहीं'. उन्होंने शायराना अंदाज में आलोचकों को जवाब देते हुए साफ किया कि भाजपा में उपेक्षा के चलते उनका मोह भंग हुआ था. दूसरी ओर, धर्मेंद्र कश्यप ने भी प्रदेश में कश्यप समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर योगी सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं.

विवाह के दौरान ही मिल गए थे राजनीतिक समीकरणों के संकेत

दिलचस्प बात यह है कि इसी साल फरवरी 2026 में जब कीर्ति कश्यप की शादी हुई थी, तब उनके पिता बीजेपी में थे, लेकिन उस शादी और प्रीतिभोज समारोह में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की मौजूदगी ने उसी वक्त भविष्य के राजनीतिक समीकरणों के संकेत दे दिए थे. अब यह कयास पूरी तरह सच साबित हो चुके हैं. बिथरी चैनपुर सीट पर सपा का यह दांव रुहेलखंड के सियासी समीकरणों को कितना प्रभावित करता है, यह आने वाला वक्त ही बताएगा.

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