Daler Mehndi Controversy: दलेर मेहंदी और सुबोध उनियाल विवाद में नया मोड़, फोन पर माफी की खबर पर मंत्री का आ गया जवाब

Daler Mehndi controversy: दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद फिर चर्चा में है. सोशल मीडिया पर सिंगर के फोन कर माफी मांगने के दावे सामने आए, लेकिन मंत्री ने इन्हें खारिज कर दिया. कुंजापुरी मेले में हुई तीखी नोकझोंक के बाद अब उनके बयान ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है.

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 दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच तकरार जारी
दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच तकरार जारी
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पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब मंत्री ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि दलेर मेहंदी ने फोन कर उनसे माफी मांग ली है. मंत्री के इस बयान के बाद एक बार फिर मामला चर्चा में आ गया है.

फोन पर माफी मांगने के दावे मंत्री ने ये कहा

मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि माफी मांगने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किस बात के लिए और किस वजह से माफी मांगी जानी चाहिए. मंत्री ने दलेर मेहंदी के कथित बर्ताव और बयानों पर गहरी नाराजगी जताते हुए दो टूक कहा कि पहले जो कुछ भी सबके सामने हुआ, वह पूरा देश देख चुका है. इसके बाद अब यह दावा करना कि फोन पर माफी मांग ली गई है, एक और बड़ी गलती करने जैसा है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

क्या था पूरा विवाद और क्यों भड़के थे मंत्री सुबोध उनियाल?

दरअसल, यह पूरा विवाद टिहरी गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में हुआ. यहां 18 अक्टूबर 2026 की रात मेले में दलेर मेहंदी का एक लाइव शो रखा गया था. यहां वे अपनी पूरी टीम के साथ मंच पर परफॉर्म करने आए थे. कार्यक्रम के दौरान परफॉर्मेंस शुरू होने के कुछ समय बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए और उन्होंने सिंगर की परफॉर्मेंस पर आपत्ति जताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. वायरल वीडियो के अनुसार मंत्री ने मंच की गरिमा का हवाला देते हुए कहा था कि आयोजकों ने भारी-भरकम पैसे खर्च करके उन्हें बुलाया है, लेकिन मंच पर उनकी हालत ऐसी थी कि ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे.

मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को ₹35 लाख का भारी भुगतान किया गया था. उनका आरोप था कि इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद जनता का मनोरंजन करने के बजाय सिर्फ लिप-सिंक किया जा रहा था और सही से बोला भी नहीं जा रहा था. उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि दलेर की हालत ऐसी लग रही थी जैसे वे नशे में हों . मंत्री का कहना था कि कुंजापुरी मेला नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना से जुड़ा एक बेहद पवित्र और धार्मिक आयोजन है, ऐसे पावन स्थल पर इस तरह के लचर और गैर-जिम्मेदाराना प्रदर्शन से मेले की सांस्कृतिक मर्यादा को ठेस पहुंची है. इसी बात को लेकर मंच पर तीखी नोकझोक हुई थी जो अब माफी के नए बखेड़े के साथ फिर से सुर्खियों में छा गई है.

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