18 सितंबर 2026: धनु राशि में चंद्रमा का प्रवेश और शनि की 'दसवीं दृष्टि', जानिए 3 राशियों पर कैसा रहेगा असर

न्यूज तक डेस्क

• 10:58 AM • 18 Sep 2026

18 सितंबर 2026 की रात चंद्रमा के धनु राशि में प्रवेश और उन पर शनि की 10वीं दृष्टि पड़ने से इन राशि वालों को मानसिक तनाव, खर्च और काम में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है.

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ग्रहों की बदलती चाल हमारे दैनिक जीवन, मन की स्थिति और काम-काज को सीधे तौर पर प्रभावित करती है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 18 सितंबर 2026 यानी आज रात चंद्रमा राशि परिवर्तन करके धनु राशि में गोचर करने जा रहे हैं.

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इस गोचर की सबसे खास बात यह है कि धनु राशि में बैठे चंद्रमा पर न्याय प्रिय देवता शनि की विशेष दसवीं दृष्टि पड़ने वाली है. ज्योतिष में चंद्रमा को मन व संवेदनाओं का और शनि को कर्म व अनुशासन का कारक माना जाता है, इसलिए यह योग काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
 

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ग्रहों के इस विशेष तालमेल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 3 राशियों के जातकों को इस समय विशेष सावधानी बरतनी होगी. आइए जानते हैं कि किन राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है.
 

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मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों को इस अवधि में मानसिक उथल-पुथल और तनाव का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान ऑफिस या बिजनेस से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला बहुत सोच-समझकर लें और जल्दबाजी से बचें. किसी से विवाद होने पर शांत रहें, वाणी पर नियंत्रण रखें और गाड़ी चलाते समय सतर्कता बरतें.

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कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि अचानक बेवजह के खर्च बढ़ सकते हैं. सोचे हुए काम समय पर पूरे न होने से मन थोड़ा अशांत रहेगा. पैसों के लेन-देन में पूरी सावधानी रखें और अपनी सेहत का ध्यान रखें, खासकर पेट और थकान से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं.
 

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धनु राशि: चंद्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए आपको करियर और पारिवारिक मोर्चे पर ज्यादा सतर्क रहना होगा. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ मतभेद उभर सकते हैं या काम में कुछ अड़चनें आ सकती हैं. तनाव से बचने के लिए योग-ध्यान करें और कहीं भी निवेश करने या कागजी कार्रवाई करने से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें.
 

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उपाय 1 (चंद्रमा की शांति): चूंकि चंद्रमा सीधे मन को प्रभावित करते हैं, इसलिए मानसिक शांति पाने के लिए भगवान शिव की पूजा करें. शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और नियमित रूप से "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें.

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उपाय 2 (शनि कृपा): शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन शनि मंत्रों का पाठ करें. इसके अलावा किसी जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, उड़द या अनाज का दान करना बहुत शुभ माना जाता है.
 

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ज्योतिषविदों के अनुसार यह ग्रह गोचर एक अस्थाई प्रक्रिया है, इसलिए किसी भी परिस्थिति से घबराने की जरूरत नहीं है. बस कुछ दिन धैर्य रखें, अपनी दिनचर्या संतुलित रखें और हर काम संयम के साथ पूरा करें.

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